{"_id":"eda32f67e7ea501827f2c260b8a7ec1e","slug":"the-strike-wandered-complainant-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल से भटकते रहे फरियादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल से भटकते रहे फरियादी
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा दूरदराज से आए फरियादियों को भुगतना पड़ा। दफ्तरों में सन्नाटा होने से वह मायूस लौट गए। बुधवार को भी हड़ताल और बृहस्पतिवार व शुक्रवार को छुट्टी से भी दफ्तरों मेें कामकाज नहीं होंगे।
विज्ञापन
हड़ताल से अनभिज्ञ लोग ठंड में विभिन्न विभागों के कार्यालय पहुंचे। इनमें ज्यादातर ग्रामीण थे। वहां उन्हें कुर्सियां खाली नजर आईं। विकास भवन में दो दर्जन से अधिक विभागों के कार्यालय हैं। यहां कार्यालय खुलने के समय से ही कर्मचारियों ने परिसर में धरना व सभा शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
कुछ विभागों में कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें भी संगठन पदाधिकारी अपने साथ ले गए। सबसे अधिक फरियादी समाज कल्याण विभाग और जिला पूर्ति कार्यालय से लौटते रहे। नरैनी ब्लाक के पियार गांव के मजरा भदइयां निवासी राम प्रसाद समाज कल्याण कार्यालय में पेंशन लिपिक को तलाशता रहा। उसने बताया कि महामाया आर्थिक मदद योजना से पेंशन मिलनी बंद हो गई। समाजवादी पेंशन में भी उसका नाम नहीं है। यही फरियाद लेकर वह आया था। तीन घंटे इंतजार के बाद वह वापस लौट गया।
विज्ञापन
महुआ ब्लाक के नगनेधी गांव का जयपाल पुत्री की शादी अनुदान के लिए आवेदनपत्र जमा करने आया था। संबंधित लिपिक के हड़ताली कर्मियों के साथ धरने पर बैठे होने से वह वापस चला गया। बिसंडा ब्लाक की कैरी गांव की बुधिया ने बताया कि छह माह से उसके खाते में वृद्धावस्था पेंशन नहीं पहुंची। बाबू से पता लगाने आई थी। सूने कार्यालय के दरवाजे देर तक बैठी रही। कड़ाके की ठंड में वह सूरज निकलने के पहले घर से निकली थी। किराया खर्च भी दूसरे से लेकर आई थी।
जिला पूर्ति कार्यालय में कमासिन ब्लाक के खटान गांव के गोपाल और दांदौं गांव के रामेश्वर राशन कार्ड आनलाइन आवेदन की हार्डकापी जमा करने व कुछ फार्मों में खामियां दुरुस्त कराने के लिए कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे। मरका क्षेत्र के सांड़ा गांव का रामकृपाल हैंडपंप रिबोर का पता लगाने जिला विकास अधिकारी कार्यालय आया था। यहां भी कर्मचारी हड़ताल पर होने से कोई जानकारी नहीं मिल पाई।