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तेज आंधी-तूफान ने ली दो किसानों की जान
banda
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:40 PM IST
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: नरैनी तहसील के भदइयां गांव में आंधी के बाद ढही झोपड़ी।
- फोटो : amarujala
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बांदा/बदौसा। बुंदेलखंड में बुधवार की देर रात आई तेज रफ्तार आंधी ने दो जान ले ली। तेज हवा के झोंकों से कच्ची झोपड़ी व जर्जर दीवार ढहने से दो किसान मलबे में ही दब गए। एक अन्य घटना में पेड़ गिरने से वृद्ध किसान गंभीर रूप से घायल हो गया।
नरैनी तहसील क्षेत्र के भदइयां गांव में रामहृदय यादव (45) पुत्र मुंजुवा बुधवार रात फसल की रखवाली के लिए खेत में कच्ची झोपड़ी में सो रहा था। इसी बीच तेज आंधी से खपरैल ढह गया और उसकी मलबे में दबकर मौत हो गई। पुत्र बच्चा सुबह खाना देने गया तो जानकारी हुई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। मृतक के पुत्र पवन कुमार ने बताया कि पिता बटाई की खेती से परिवार का भरण-पोषण करते थे। मृतक के पांच पुत्र व एक पुत्री सत्य कुमारी है। दूसरी घटना में सदर तहसील क्षेत्र के कुलकुम्हारी गांव में वासुदेव (42) पुत्र रामकिशोर बुधवार की रात घर के नजदीक जूनियर विद्यालय के पास चारपाई में सो रहा था। तेज आंधी व तूफान से विद्यालय की जर्जर दीवार ढह गई। वासुदेव उसी मलबे में दब गया। पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल से झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि छह बीघा खेती में वासुदेव ने गेहूं बोया था। अन्ना जानवरों से रखवाली के लिए वह खेत के बगल विद्यालय में सोता था। मृतक के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया। उधर, कमासिन थाना क्षेत्र के परसौली गांव में इतराज (65) बुधवार की रात पशुबाड़े में सोया था। तभी तेज हवा के झोंके से पेड़ उसके ऊपर गिर गया। गंभीर अवस्था में परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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नरैनी तहसील क्षेत्र के भदइयां गांव में रामहृदय यादव (45) पुत्र मुंजुवा बुधवार रात फसल की रखवाली के लिए खेत में कच्ची झोपड़ी में सो रहा था। इसी बीच तेज आंधी से खपरैल ढह गया और उसकी मलबे में दबकर मौत हो गई। पुत्र बच्चा सुबह खाना देने गया तो जानकारी हुई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। मृतक के पुत्र पवन कुमार ने बताया कि पिता बटाई की खेती से परिवार का भरण-पोषण करते थे। मृतक के पांच पुत्र व एक पुत्री सत्य कुमारी है। दूसरी घटना में सदर तहसील क्षेत्र के कुलकुम्हारी गांव में वासुदेव (42) पुत्र रामकिशोर बुधवार की रात घर के नजदीक जूनियर विद्यालय के पास चारपाई में सो रहा था। तेज आंधी व तूफान से विद्यालय की जर्जर दीवार ढह गई। वासुदेव उसी मलबे में दब गया। पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल से झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि छह बीघा खेती में वासुदेव ने गेहूं बोया था। अन्ना जानवरों से रखवाली के लिए वह खेत के बगल विद्यालय में सोता था। मृतक के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया। उधर, कमासिन थाना क्षेत्र के परसौली गांव में इतराज (65) बुधवार की रात पशुबाड़े में सोया था। तभी तेज हवा के झोंके से पेड़ उसके ऊपर गिर गया। गंभीर अवस्था में परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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