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पश्चिमी विक्षोभ की आंधी-बारिश का दूसरे दिन भी कहर
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The second day of the Western Disturbance storm
- फोटो : BANDA
बांदा। आंधी, बारिश और ओला वृष्टि ने रविवार को लगातार दूसरे दिन भी कहर ढाया। सबसे ज़्यादा नुकसान खेती किसानी को पहुंच रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मौसम अपने यह तेवर 29 अप्रैल तक दिखाएगा। इसके पीछे पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में बन रहा पश्चिमी विक्षोभ बताया गया है।
रविवार को दिन धूप और बादल का मिला जुला मौसम रहा। 10-15 किलोमीटर की प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। लेकिन शाम को सूरज ढलने के बाद मौसम ने तेजी से करवट ली और घने बादलों के बीच तेज आंधी ने दस्तक दी।
पूर्व-पश्चिम दिशा में इस आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलो प्रति घंटा रही। जगह-जगह पेड़ों को नुकसान पहुंचा। बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। देर रात तक यह मौसम बरकरार था। ठंडी हवा से ने गर्मी से राहत दी। अलबत्ता किसानों के चेहरे पर चिंता छाई रही। ब्यूरो।
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रात में गिरे ओलों ने किसानों की उड़ाई नींद
कमासिन। बीती रात मौसम की पलटमारी ने किसानों की नींद उड़ा दी। तेज आंधी के बीच बारिश हुई और कुछ ही देर बाद जमकर ओला गिरे। खेत में कटने के लिए तैयार खड़ी और कटकर खलिहान में पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा। कई जगह तो ओले पट गए।
बीरा, अमेढ़ी, खेरा, दादौ, मुड़वारा, मटैना आदि गांवों में ओला वृष्टि हुई। बीरा के ग्राम प्रधान देवकुमार ने बताया कि गेंहू और अरहर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। लेखपाल को सर्वे के लिए सूचना दी गई है। जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव रामानुज ने किसानों को आर्थिक मदद की मांग सरकार से की है।
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रविवार को दिन धूप और बादल का मिला जुला मौसम रहा। 10-15 किलोमीटर की प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। लेकिन शाम को सूरज ढलने के बाद मौसम ने तेजी से करवट ली और घने बादलों के बीच तेज आंधी ने दस्तक दी।
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पूर्व-पश्चिम दिशा में इस आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलो प्रति घंटा रही। जगह-जगह पेड़ों को नुकसान पहुंचा। बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। देर रात तक यह मौसम बरकरार था। ठंडी हवा से ने गर्मी से राहत दी। अलबत्ता किसानों के चेहरे पर चिंता छाई रही। ब्यूरो।
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रात में गिरे ओलों ने किसानों की उड़ाई नींद
कमासिन। बीती रात मौसम की पलटमारी ने किसानों की नींद उड़ा दी। तेज आंधी के बीच बारिश हुई और कुछ ही देर बाद जमकर ओला गिरे। खेत में कटने के लिए तैयार खड़ी और कटकर खलिहान में पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा। कई जगह तो ओले पट गए।
बीरा, अमेढ़ी, खेरा, दादौ, मुड़वारा, मटैना आदि गांवों में ओला वृष्टि हुई। बीरा के ग्राम प्रधान देवकुमार ने बताया कि गेंहू और अरहर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। लेखपाल को सर्वे के लिए सूचना दी गई है। जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव रामानुज ने किसानों को आर्थिक मदद की मांग सरकार से की है।