{"_id":"6293aa272b9f5056e142fddb","slug":"the-murder-of-a-young-man-who-went-to-accuse-sister-of-indecency-banda-news-knp6995598181","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहन से बदसुलूकी का उलाहना देने गए युवक की पीटकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहन से बदसुलूकी का उलाहना देने गए युवक की पीटकर हत्या
विज्ञापन
The murder of a young man who went to accuse sister of indecency
- फोटो : BANDA
ओरन। बहन से अभद्रता का उलाहना देने पहुंचे युवक की पड़ोसी दबंगों ने लाठियों से पीटकर हत्या कर दी। बचाने पहुंचे पिता को भी पीटकर मरणासन्न कर दिया। गंभीर हालत में पिता को मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दंपती समेत तीन के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना से तनाव होने पर गांव में पुलिस बल तैनात है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बहन की अगले माह शादी तय है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव में शनिवार की देर रात परशुराम वर्मा की पुत्री प्रेमता घर के बाहर बैठी थी, तभी पड़ोसी युवक ने कई बार फब्तियां कस दीं। प्रेमता ने इसकी जानकारी अपने भाई प्रेमबाबू (20) और पिता परशुराम वर्मा (52) को दी। पिता-पुत्र दोनों पड़ोसी के घर उलाहना देने पहुंच गए। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। दबंगों ने हमला कर दिया। परशुराम वर्मा और उसके पुत्र प्रेमबाबू ने घर के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई।
सूचना पर कुछ देर बाद यूपी-112 पुलिस कर्मी आ गए और दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। पुलिस के जाते ही दबंगों ने फिर धावा बोल दिया और घर में घुसकर लाठियों से परशुराम और उसके पुत्र प्रेमबाबू को बुरी तरह पीट दिया। परिजनों ने उन्हें पीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान प्रेमबाबू ने दम तोड़ दिया। परशुराम की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।
विज्ञापन
बिसंडा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की बहन प्रेमता की तहरीर पर आरोपी जयकरण, उसकी पत्नी हीरामनी और पुत्र लालबाबू के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी फरार हैं। एहतियातन मृतक और आरोपियों के घर पर पुलिस तैनात की गई है।
शादी की खुशियां मातम में बदली
चचेरे भाई बबलू ने बताया कि प्रेमता की शादी 27 जून को तय है। घर में शादी की खुशियां चल रही थीं। भाई की हत्या के बाद अब मातम पसरा हुआ है।
पुलिस चेत जाती तो बच जाती प्रेम की जान
दोनों पड़ोसियों के बीच करीब एक साल से रंजिश चली आ रही है। परशुराम का भांजा गांव की युवती को कहीं ले गया था, तभी से दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही है। मामला पुलिस में भी पहुंचा था। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया था। लेकिन शनिवार को यह रंजिश खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। परिजनों ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने आरोपियों पर कार्रवाई की होती तो शायद प्रेमबाबू की जान बच जाती। वह एकलौता था।
विज्ञापन
बिसंडा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव में शनिवार की देर रात परशुराम वर्मा की पुत्री प्रेमता घर के बाहर बैठी थी, तभी पड़ोसी युवक ने कई बार फब्तियां कस दीं। प्रेमता ने इसकी जानकारी अपने भाई प्रेमबाबू (20) और पिता परशुराम वर्मा (52) को दी। पिता-पुत्र दोनों पड़ोसी के घर उलाहना देने पहुंच गए। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। दबंगों ने हमला कर दिया। परशुराम वर्मा और उसके पुत्र प्रेमबाबू ने घर के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई।
विज्ञापन
सूचना पर कुछ देर बाद यूपी-112 पुलिस कर्मी आ गए और दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। पुलिस के जाते ही दबंगों ने फिर धावा बोल दिया और घर में घुसकर लाठियों से परशुराम और उसके पुत्र प्रेमबाबू को बुरी तरह पीट दिया। परिजनों ने उन्हें पीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान प्रेमबाबू ने दम तोड़ दिया। परशुराम की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।
विज्ञापन
बिसंडा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की बहन प्रेमता की तहरीर पर आरोपी जयकरण, उसकी पत्नी हीरामनी और पुत्र लालबाबू के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी फरार हैं। एहतियातन मृतक और आरोपियों के घर पर पुलिस तैनात की गई है।
शादी की खुशियां मातम में बदली
चचेरे भाई बबलू ने बताया कि प्रेमता की शादी 27 जून को तय है। घर में शादी की खुशियां चल रही थीं। भाई की हत्या के बाद अब मातम पसरा हुआ है।
पुलिस चेत जाती तो बच जाती प्रेम की जान
दोनों पड़ोसियों के बीच करीब एक साल से रंजिश चली आ रही है। परशुराम का भांजा गांव की युवती को कहीं ले गया था, तभी से दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही है। मामला पुलिस में भी पहुंचा था। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया था। लेकिन शनिवार को यह रंजिश खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। परिजनों ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने आरोपियों पर कार्रवाई की होती तो शायद प्रेमबाबू की जान बच जाती। वह एकलौता था।