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सांसद को नहीं सुहा रही सरकार की खनन नीति
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:59 PM IST
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झांसी में अधिकारियों से बातचीत करते सांसद भैरो प्रसाद मिश्र।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की भाजपा सरकार की खनन नीति भाजपा के सांसद को ही नहीं सुहा रही। निर्धारित रायल्टी दर से छह गुना तक ज्यादा दरों पर खदानों के आवंटन से आसमान छू रही बालू की कीमतों को सांसद ने अधिकतम तीन गुना तक ही निर्धारित करने और आधी खदानें निगम के जरिये संचालित कराकर उचित दरों पर बालू मुहैया कराने की मांग की।
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शुक्रवार को झांसी में बुंदेलखंड के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक लेने आए प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार से मिलकर बांदा-चित्रकूट के भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने उन्हें पत्र सौंपा। इसमें बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र समेत पूरे बुंदेलखंड में बालू की दरें बेतहाशा बढ़ी हैं।
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100 फीट बालू 8 से 10 हजार रुपये में मिल रही है। इससे प्रधानमंत्री आवास और शौचालय निर्माण आदि की योजनाएं प्रभावित हैं। खदान ठेकेदार बालू की सरकारी कीमत से 6 से 8 गुना अधिक कीमत पर बालू बेच रहे हैं। सांसद ने कहा कि तीन गुना से ज्यादा न बेचने की पूर्व में लागू रही शर्त को लागू किया जाए।
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सांसद ने मुख्य सचिव से कहा कि शासन की पालिसी में संशोधन करके बालू की आधी खदानें निगम द्वारा चलवाई जाएं, ताकि उचित रेट से लोगों को बालू उपलब्ध हो सके। सांसद ने यह योजना बनाने को मुख्य सचिव से कहा है।
अन्ना पशुओं के लिए मिले 30 रुपये की मदद
सांसद ने मुख्य सचिव से मांग की कि अन्ना मवेशियों के लिए प्रति मवेशी 30 रुपये की सरकारी सहायता देने की पूर्व में की गई घोषणा लागू की जाए। कहा कि बुंदेलखंड में अन्ना मवेशियों की समस्या गंभीर है। कुछ लोगों ने पशु आश्रय गृह बना लिए हैं, लेकिन चारा, भूसा और पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा। हरेक न्याय पंचायत स्तर पर दो बड़ी गोशालाएं बनाईं जाएं।
लघु-सीमांत किसानों का मानक बढ़े
बुंदेलखंड में लघु और सीमांत किसानों का मानक दायरा बढ़ाने की मांग भी सांसद ने की है। कहा कि 1971 की राजस्व संहिता में बुंदेलखंड में भी प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ढाई गुना निर्धारित की गई है, जबकि पैदावार यहां बहुत कम होती है। सांसद ने अनुरोध किया कि ढाई हेक्टेयर से लेकर पांच हेक्टेयर तक के किसानों को भी लघु एवं सीमांत श्रेणी में शामिल किया जाए।
किसानों को मांग के मुताबिक मिले कनेक्शन
बुंदेलखंड में किसानों को उनकी इच्छा और क्षमता के अनुसार सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन देने की मांग मुख्य सचिव से की गई है। सांसद ने कहा है कि यहां साढ़े सात हार्स पावर के कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि पांच या दो अथवा तीन हार्स पावर के कनेक्शन लेने वाले किसान ज्यादा हैं।