फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   The main witness could not be cross-examined, the date given was April 18.

Banda News: मुख्य गवाह से नहीं हो सकी जिरह, तारीख मिली 18 अप्रैल

Thu, 16 Apr 2026 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 16 Apr 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
The main witness could not be cross-examined, the date given was April 18.
बांदा। नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को फांसी की सजा पा चुके चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन व सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ की आईटी एक्ट के मुकदमे में बुधवार को विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट में पेशी हुई। यहां सजायाफ्ता निलंबित जेई के अधिवक्ता ने न्यायालय में रामभवन की ओर से अर्जी दी कि वह सजा पा चुका है, इसलिए उसका ट्रायल नहीं किया जाए। इस पर सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने न्यायालय में जवाब दाखिल कर कहा कि दोनों मुकदमों के अलग-अलग तथ्य हैं, इसलिए विचारण किया जाए। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख दी है। उधर, मोहम्मद आकिफ वाले मामले में मुख्य गवाह से अधिवक्ता की जिरह नहीं हो सकी।
विज्ञापन

सीबीआई की ओर से न्यायालय में सीबीआई अधिवक्ता धारा सिंह मीणा और आईटी एक्ट के मामले में मुख्य गवाह बैंक प्रबंधक मनोज कुमार गौतम भी पेश हुए। यहां सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन के अधिवक्ता ने न्यायालय में अर्जी दाखिल कर कहा कि रामभवन को फांसी की सजा हो चुकी है, इसलिए इस मुकदमे का विचारण नहीं किया जाए। इस पर सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह मीणा ने न्यायालय में जवाब दाखिल कर कहा कि चूंकि दोनों मुकदमें के तथ्य अलग-अलग हैं। इसलिए विचारण किया जाना चाहिए। उधर, अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र दाखिल करने में मोहम्मद आकिफ के अधिवक्ता की मुख्य गवाह से जिरह नहीं हो सकी। मोहम्मद आकिफ के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय ने अब इस मुकदमें की अगली तारीख तय की है।
विज्ञापन

-------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था पूरा मामला
----------------------

नाबालिगों के साथ यौन शोषण के मामले में सीबीआई की जांच में सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन व सह आरोपी दिल्ली के इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के खिलाफ 31 अक्तूबर 2020 में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2021 में न्यायालय में विचाराधीन मामले में आरोप तय किए थे। मोहम्मद आकिफ पर बच्चों के अश्लील वीडियो 47 देशों में बेचकर कमाई करने का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed