फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   The life of the farmer 's crop shock

फसल के सदमे से गई किसान की जान

Sat, 03 Oct 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 03 Oct 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
The life of the farmer 's crop shock

बड़ोखर बुजुर्ग। खेत में खड़ी तिल की फसल सूखने का

विज्ञापन
सदमा किसान को बर्दाश्त नहीं हुआ। कर्ज और बेटी की शादी को लेकर वह पहले से ही तनाव में था। खेत से लौटने के बाद उसे दिल का दौरा पड़ा। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रशासन से राहत राशि के नाम पर सिर्फ 786 रुपये का चेक मिला था। नवरात्र में उसे बेटी का वरीक्षा करना था।

सदर तहसील के पड़ुई गांव के सत्य नारायण प्रजापति (50) के पास पांच बीघे पट्टे की जमीन है। उसने तिल की फसल बोई थी। बारिश न होने से फसल सूख गई। पिछली फसल भी ओलावृष्टि से चौपट हो गई थी। शुक्रवार को सुबह वह खेत में गया था।

फसल की हालत देखकर गहरा सदमा लगा। वह घर लौटा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसने स्टेट बैंक अतर्रा ब्रांच से केसीसी से 49 हजार रुपया कर्ज ले रखा था। उसके तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पुत्री प्रियंका (21) की शादी महोखर गांव में तय की थी।

नवरात्र में वरीक्षा होना था। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। उधर, इस बारे में एसडीएम विनय पाठक ने बताया कि कानूनगो के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारियों को मृतक किसान के गांव जांच के लिए भेजा गया है।

रिपोर्ट आने के बाद हर संभव मदद दी जाएगी। उधर, समाजसेवी मानसिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को शनिवार को ज्ञापन दिया। शिकायतीपत्र में कहा कि किसान की सदमे से हुई मौत को लेकर हलका लेखपाल जिम्मेदार है। उसने मुआवजा के चेक देने में भेदभाव किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed