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भूस्खलन से आश्रम धराशाई, बालक समेत दो की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:51 PM IST
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स्खलन में मरे बालक के घर के बाहर शोकाकुल परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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नरैनी (बांदा)। मध्य प्रदेश के विंध्य पर्वत में स्थित जटाशंकर मंदिर में दर्शन के समय हुए भूस्खलन से गिरी चट्टान से मंदिर का आश्रम धराशाई हो गया। चट्टान की चपेट में आकर यहां से दर्शन करने गए परिवार के एक बालक की मौत हो गई और पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मध्य प्रदेश की एक महिला की भी मौत हो गई।
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सीमा से जुड़े छतरपुर जिले में विंध्य पर्वत में सुप्रसिद्ध जटाशंकर मंदिर है। यहां आश्रम है। सावन में यहां का दृश्य बेहद मनभावन रहता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने जाते हैं। नरैनी के इंदिरा नगर मोहल्ला निवासी संतोष सोनकर रविवार को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ कार से जटाशंकर मंदिर गए थे। यह परिवार रात में मंदिर के आश्रम में ठहर गया। रात करीब 10 बजे पूजा-अर्चना के बाद आश्रम में भोजन चल रहा था।
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इसी दौरान आश्रम के पीछे पहाड़ में भूस्खलन शुरू हो गया। भारी भरकम चट्टान आश्रम में आ गिरी। इससे आश्रम धराशाई हो गया। भोजन कर रहे लोग दब गए। संतोष सोनकर का नौ वर्षीय पुत्र यश की भी दमकर मौत हो गई। पन्ना जिले की एक महिला श्रद्धालु की भी मौत हो गई। आश्रम में मौजूद मृतक के फूफा ओमप्रकाश (32) पुत्र गया प्रसाद (सकरोही बाजार, लखनऊ), फुफेरे भाई राहुल (24) पुत्र बिहारी (एट, जालौन), चाचा संतोष (40) व चाची संतोषी (35) तथा वैगनआर का चालक गुलाब (40) (नरैनी) गंभीर रूप से घायल हो गए।
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अन्य श्रद्धालुओं ने लोगों को बाहर निकाला और बिजावर (छतरपुर) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सोमवार को सुबह छतरपुर के डीएम और एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक यश अपने पिता का इकलौता बेटा था।