{"_id":"6619773184fd9f79430dfca5","slug":"the-investigation-team-received-the-report-of-mukhtars-treatment-banda-news-c-212-1-bnd1003-109240-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जांच टीम को मिली मुख्तार के इलाज की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जांच टीम को मिली मुख्तार के इलाज की रिपोर्ट
विज्ञापन
बांदा। मुख्तार की मौत के मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। मेडिकल कॉलेज में न्यायिक टीम के पहुंचने के बाद से ही वहां का प्रशासन सकते में है। माना जा रहा है कि अब्बास के कासगंज जेल लौटते ही किसी भी दिन अफजाल व उमर बयान के लिए बांदा आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्तार की 26 और 28 मार्च की पूरी बीएचटी रिपोर्ट जांच टीम को सौंप भी दी गई है।
बता दें कि 26 मार्च को सबसे पहले मुख्तार को मेडिकल कॉलेज लाया गया था और 14 घंटे बाद उसे जेल की बैरक में डाल दिया गया था। इसके बाद 28 मार्च को जब वह दोबारा मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो उसकी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी। लिहाजा जांच टीम ने दोनों दिनों की बीएचटी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी थी।
अफजाल के सुबूतों से मच सकती है खलबली
26 मार्च को जब अफजाल अपने भाई मुख्तार को देखने बांदा आए थे तो उन्होंने खुलकर कहा था कि उनके पास सुबूत हैं कि जेल में मुख्तार को जहर दिया गया है। वह सुबूत क्या हैं और जब वह सामने आएंगे तो क्या खलबली मचाएंगे। यह भी आने वाला समय बताएगा।
विज्ञापन
मुख्तार का बयान भी बनेगा फांस
मौत वाले दिन मुख्तार की दोपहर तीन बजे बेटे उमर से फोन पर बातचीत हुई थी। इसमें उसने खुद कहा था कि उसकी हालत ठीक नहीं है, उसने जितनी भी शारीरिक तकलीफों का जिक्र उस वायरल ऑडियो में किया है, उन सबका बीएचटी रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा। ताकि पता चल सके कि उसे तकलीफ क्या थी और इलाज क्या दिया गया।
इलाज करने वाले डॉक्टरों की सूची भी बनी
कारागार से लेकर इमरजेंसी, आईसीयू और पोस्टमार्टम करने वाले तक के डॉक्टरों की सूची भी तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन डॉक्टरों को बयान के लिए जांच टीम बुला सकती है। इनके बयानों का बीएचटी रिपोर्ट से मिलान करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
पहले भी मेडिकल कॉलेज पर लगे हत्या के आरोप
मेडिकल कॉलेज माफिया की मौत को लेकर ही चर्चा में नहीं आया है। इससे पहले पांच माह पूर्व यहां प्रसूता की मौत के मामले में भी कई डॉक्टरों के खिलाफ हत्या तक का मुकदमा दर्ज है। जिसकी जांच चल रही है। अभी तक पुलिस ने उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की है। आरोपी अभी भी मेडिकल कॉलेज में ही मौजूद हैं।
विज्ञापन
बता दें कि 26 मार्च को सबसे पहले मुख्तार को मेडिकल कॉलेज लाया गया था और 14 घंटे बाद उसे जेल की बैरक में डाल दिया गया था। इसके बाद 28 मार्च को जब वह दोबारा मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो उसकी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी। लिहाजा जांच टीम ने दोनों दिनों की बीएचटी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी थी।
विज्ञापन
अफजाल के सुबूतों से मच सकती है खलबली
26 मार्च को जब अफजाल अपने भाई मुख्तार को देखने बांदा आए थे तो उन्होंने खुलकर कहा था कि उनके पास सुबूत हैं कि जेल में मुख्तार को जहर दिया गया है। वह सुबूत क्या हैं और जब वह सामने आएंगे तो क्या खलबली मचाएंगे। यह भी आने वाला समय बताएगा।
विज्ञापन
मुख्तार का बयान भी बनेगा फांस
मौत वाले दिन मुख्तार की दोपहर तीन बजे बेटे उमर से फोन पर बातचीत हुई थी। इसमें उसने खुद कहा था कि उसकी हालत ठीक नहीं है, उसने जितनी भी शारीरिक तकलीफों का जिक्र उस वायरल ऑडियो में किया है, उन सबका बीएचटी रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा। ताकि पता चल सके कि उसे तकलीफ क्या थी और इलाज क्या दिया गया।
इलाज करने वाले डॉक्टरों की सूची भी बनी
कारागार से लेकर इमरजेंसी, आईसीयू और पोस्टमार्टम करने वाले तक के डॉक्टरों की सूची भी तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन डॉक्टरों को बयान के लिए जांच टीम बुला सकती है। इनके बयानों का बीएचटी रिपोर्ट से मिलान करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
पहले भी मेडिकल कॉलेज पर लगे हत्या के आरोप
मेडिकल कॉलेज माफिया की मौत को लेकर ही चर्चा में नहीं आया है। इससे पहले पांच माह पूर्व यहां प्रसूता की मौत के मामले में भी कई डॉक्टरों के खिलाफ हत्या तक का मुकदमा दर्ज है। जिसकी जांच चल रही है। अभी तक पुलिस ने उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की है। आरोपी अभी भी मेडिकल कॉलेज में ही मौजूद हैं।