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Banda News: बीमा कंपनी आश्रित महिला को 15 लाख का क्लेम दे
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-उपभोक्ता फोरम ने सुनाया आदेश, ब्याज भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जिला उपभोक्ता फोरम प्रतितोष आयोग (उपभोक्ता फोरम ) ने खुद की बीमित गाड़ी से दबकर मौत के मामले में बीमा कंपनी को आश्रित की पत्नी को क्लेम राशि 15 लाख देने के आदेश दिए है।
नरैनी के पचोखर कलहरा निकवासी अब्दुल खलील कू्रजर जीप का मालिक व चालक था। छह जनवरी 2019 को बिसंडा से अमवा रोड के पास मोटर साइकिल सवार को बचाने में गाड़ी पटल गई और खलील की दबकर मौत हो गई। गाड़ी का श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कपंनी लिमिटेड से 24 दिसंबर 2019 तक बीमा था। बीमा कंपनी ने क्षतिग्रस्त गाड़ी का 70 हजार रुपये क्लेम तो दे दिया था लेकिन जो पॉलसी वाहन थी उसमें 15 लाख का रिस्क कवर भी था।
बीमा कंपनी ने आश्रित को रिस्क कवर क्लेम नहीं दिया। आश्रित पत्नी तबस्सुम खातून ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम अध्यक्ष राघवेंद्र व सदस्य गीतांजलि भारती ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आश्रित वादिनी के दावे को सही पाया और बीमा कंपनी को आदेश दिए है कि वह आश्रित वादिनी को बीमित धनराशि 15 लाख रुपये परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि छह मार्च 2020 से सात फीसदी ब्याज दर पर अदा करे। इसके अलावा मानसिक क्षति के एवज में 10 हजार व वाद व्यय पांच हजार रुपये भी अदा करें।
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बांदा। जिला उपभोक्ता फोरम प्रतितोष आयोग (उपभोक्ता फोरम ) ने खुद की बीमित गाड़ी से दबकर मौत के मामले में बीमा कंपनी को आश्रित की पत्नी को क्लेम राशि 15 लाख देने के आदेश दिए है।
नरैनी के पचोखर कलहरा निकवासी अब्दुल खलील कू्रजर जीप का मालिक व चालक था। छह जनवरी 2019 को बिसंडा से अमवा रोड के पास मोटर साइकिल सवार को बचाने में गाड़ी पटल गई और खलील की दबकर मौत हो गई। गाड़ी का श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कपंनी लिमिटेड से 24 दिसंबर 2019 तक बीमा था। बीमा कंपनी ने क्षतिग्रस्त गाड़ी का 70 हजार रुपये क्लेम तो दे दिया था लेकिन जो पॉलसी वाहन थी उसमें 15 लाख का रिस्क कवर भी था।
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बीमा कंपनी ने आश्रित को रिस्क कवर क्लेम नहीं दिया। आश्रित पत्नी तबस्सुम खातून ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम अध्यक्ष राघवेंद्र व सदस्य गीतांजलि भारती ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आश्रित वादिनी के दावे को सही पाया और बीमा कंपनी को आदेश दिए है कि वह आश्रित वादिनी को बीमित धनराशि 15 लाख रुपये परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि छह मार्च 2020 से सात फीसदी ब्याज दर पर अदा करे। इसके अलावा मानसिक क्षति के एवज में 10 हजार व वाद व्यय पांच हजार रुपये भी अदा करें।
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