{"_id":"5bfc3847bdec2241a004aa11","slug":"the-hospital-s-rejuvenation","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीम की आमद से अस्पताल की ‘कायाकल्प’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीम की आमद से अस्पताल की ‘कायाकल्प’
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल परिसर का निरीक्षण करती कायाकल्प टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ से आई तीन सदस्यीय कायाकल्प समिति ने जिला अस्पताल का कायाकल्प करा दिया। सोमवार को आई टीम के निरीक्षण में अस्पताल की सूरत बदली मिली। हालांकि इसके बाद भी टीम ने खामियां भांप ली और नाराजगी जताते हुए इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। टीम अपनी रिपोर्ट निदेशालय और शासन को देगी। इसी आधार पर शासन जिला अस्पताल की ग्रेडिंग निर्धारित करेगा।
विज्ञापन
दोपहर को पहुंची टीम के पहले ही अस्पताल को पूरी तरह संवार दिया गया था। बेड से लेकर स्ट्रेचर तक में नई चादरें बिछ गईं। वार्डों की खिड़कियों पर किसी बेडरूम की तरह पर्दे पड़ गए। भीड़ लगाने वाले तीमारदारों को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। अस्पताल का चप्पा-चप्पा चमकाया गया था। रातोंरात बगिया सजा दी गई। कचरे पर मिट्टी की परत चढ़ा दी गई। टीम ने डाक्टरों के रूम, महिला, पुरुष, चिल्ड्रेन व इमरजेंसी वार्ड, बरामदे, गैलरी, ट्रामा सेंटर, स्टोर, दवा वितरण व पर्चा काउंटर, पार्किंग आदि का मुआयना किया।
विज्ञापन
मरीजों को बरामदे के फर्श पर बैठा देखकर अंसतोष जताया। अस्पताल भवन के नजदीक लगे भारी-भरकम ट्रांसफार्मर को हटवाने के निर्देश दिए। इधर-उधर खड़े वाहनों को व्यवस्थित ढंग से पार्किंग के लिए कहा। डाक्टर्स रूम में मरीजों को देखने के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने को कहा। डाक्टरों और स्टाफ से उपकरणों और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। टीम ने मीडिया से बात नहीं की। टीम में डा.राजनारायण (ललितपुर), डा.आनंद चौबे (उन्नाव) और डा.राजेश पटेल शामिल रही। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डा.किशोरीलाल भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम ने अपनी रिपोर्ट में क्लीनचिट दी तो जिला अस्पताल को 50 लाख रुपये मिलेंगे।
विज्ञापन
कायाकल्प समिति के निरीक्षण के बिंदु
1. चिकित्सालय का रखरखाव। 2. सफाई व्यवस्था। 3. बायोमेडिको वेस्ट कचरा नियंत्रण। 4. संक्रामक नियंत्रण। 5. सहयोगी सुविधाएं। 6. हाईजीन प्रमोशन (सफाई को बढ़ावा देने वाले कार्य)।