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खामियों से गड़बड़ा सकती है अस्पताल की रेटिंग
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बांदा। नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड की कायाकल्प योजना के तहत पिछले वर्ष 72 फीसदी रैंक हासिल करने वाले जिला अस्पताल की रेटिंग (रैंकिंग) इस बार गड़बड़ा सकती है। लखनऊ से आई तीन सदस्यीय कायाकल्प टीम को सफाई और रखरखाव समेत कई खामियां मिलीं। इन्हें दुरुस्त करने के लिए राज्य सलाहकार ने सप्ताहभर की मोहलत देते हुए ऑनलाइन फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
दो दिवसीय भ्रमण पर आए टीम प्रभारी/कंसलटेंट स्टेट, लखनऊ आरएस चौरसिया और झांसी के मेडिकल कंसलटेंट डॉ. राजेश पटेल व डीपीएम ऋषिराज ने बुधवार को भी जिला अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया।
ब्लड बैंक, अभिलेख, सफाई, स्टाफ नर्स प्रशिक्षण, मैनेजमेंट, आपरेशन थियेटर आदि देखा। मंगलवार को निरीक्षण में खुली मिलीं पानी की टंकियों को शीघ्र बंद कराने को कहा। इसके अलावा ओपीडी में पर्दे डलवाने और डाक्टरों के कक्षों के लिए एरो (तीर का निशान) बनवाने आदि का भी सुझाव दिया।
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अस्पताल परिसर के बाहर लगे टिनशेड दुरुस्त करने तथा सफाई और अच्छी कराने को भी कहा। निर्देश दिए खामियों को सप्ताहभर में दुरुस्त कर फोटो भेज दें। हालांकि टीम को मिली खामियों से अबकी जिला अस्पताल की रेटिंग पर प्रभाव पड़ सकता है। निरीक्षण में अस्पताल के डाक्टर शामिल रहे।
सीएमएस डा.संपूर्णानंद मिश्र ने बताया कि टीम द्वारा दिए गए सुझाव और कमियों को दो दिनों में दुरुस्त कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कायाकल्प के तहत अस्पताल को मिलने वाली राशि सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
उधर, जिला अस्पताल प्रबंधक रामकुमार वर्मा ने बताया कि कायाकल्प में सात बिंदु इंफेक्शन कंट्रोल, हॉस्पिटल अपकीम (रखरखाव), सेनिटेशन एंड हाईजीन, वेस्ट मैनेजमेंट, हाईजीन प्रमोशन, सपोर्ट सर्विसेज व बियोंड हास्पिटल बाउंड्री शामिल हैं। पिछले वर्ष 72.4 फीसदी रैंकिंग पर तीन लाख रुपये मिले थे। इस बार पांच लाख रुपये पुरस्कार मिलने की उम्मीद है।
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दो दिवसीय भ्रमण पर आए टीम प्रभारी/कंसलटेंट स्टेट, लखनऊ आरएस चौरसिया और झांसी के मेडिकल कंसलटेंट डॉ. राजेश पटेल व डीपीएम ऋषिराज ने बुधवार को भी जिला अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया।
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ब्लड बैंक, अभिलेख, सफाई, स्टाफ नर्स प्रशिक्षण, मैनेजमेंट, आपरेशन थियेटर आदि देखा। मंगलवार को निरीक्षण में खुली मिलीं पानी की टंकियों को शीघ्र बंद कराने को कहा। इसके अलावा ओपीडी में पर्दे डलवाने और डाक्टरों के कक्षों के लिए एरो (तीर का निशान) बनवाने आदि का भी सुझाव दिया।
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अस्पताल परिसर के बाहर लगे टिनशेड दुरुस्त करने तथा सफाई और अच्छी कराने को भी कहा। निर्देश दिए खामियों को सप्ताहभर में दुरुस्त कर फोटो भेज दें। हालांकि टीम को मिली खामियों से अबकी जिला अस्पताल की रेटिंग पर प्रभाव पड़ सकता है। निरीक्षण में अस्पताल के डाक्टर शामिल रहे।
सीएमएस डा.संपूर्णानंद मिश्र ने बताया कि टीम द्वारा दिए गए सुझाव और कमियों को दो दिनों में दुरुस्त कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कायाकल्प के तहत अस्पताल को मिलने वाली राशि सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
उधर, जिला अस्पताल प्रबंधक रामकुमार वर्मा ने बताया कि कायाकल्प में सात बिंदु इंफेक्शन कंट्रोल, हॉस्पिटल अपकीम (रखरखाव), सेनिटेशन एंड हाईजीन, वेस्ट मैनेजमेंट, हाईजीन प्रमोशन, सपोर्ट सर्विसेज व बियोंड हास्पिटल बाउंड्री शामिल हैं। पिछले वर्ष 72.4 फीसदी रैंकिंग पर तीन लाख रुपये मिले थे। इस बार पांच लाख रुपये पुरस्कार मिलने की उम्मीद है।