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Banda News: बीटेक छात्र की खुदकुशी परिजनों के नहीं उतर रही गले

Mon, 04 Sep 2023 12:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:17 AM IST
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The family members are unable to tolerate the suicide of a B.Tech student.
बांदा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के छात्र की आत्महत्या की बात परिजनों के गले नहीं उतर रही। उनका कहना है कि वह खुदकुशी नहीं कर सकता है। उसकी हत्या की गई है। बांदा में अपने निज निवास में मृतक छात्र के भाइयों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना था कि कोई समस्या नहीं थी, फिर वह कैसे खुदकुशी कर सकता है। उम्मीद थी कि इंजीनियर बनकर घर की जिम्मेदारी संभालेगा, पर ऐसा न हो सका।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के राजीव नगर निवासी अनिल कुमार (21) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में वर्ष 2019 से गणित व कंप्यूटर विषय से बीटेक कर रहा था। इस वर्ष उसका आखिरी साल था। उसका शव शुक्रवार की शाम विंध्याचल हास्टल में फंदे से लटका मिला था। दिल्ली पुलिस द्वारा हास्टल के रूम का दरवाजा तोड़कर अस्पताल पहुंचाया गया था वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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घटना को लेकर उसके निज निवास राजीव नगर में मातम का माहौल है। उसके बड़े भाई अमित का कहना है कि उसका भाई खुदकुशी नहीं कर सकता है। उसकी हत्या की गई है। भाई ने मीडिया के समक्ष सीबीआई जांच की मांग की है। अमित ने बताया कि पिता स्व. सुरेश कुमार की तीन साल पहले बीमारी के चलते निधन हो चुका है। वह रोडवेज में परिचालक थे। मृतक के बाबा शिवप्रसाद रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनकी पेंशन से पढ़ाई चल रही थी। बड़ा भाई अमित प्राइवेट में कार चालक है। अमित ने बताया कि रविवार को उसने अनिल को 15 हजार रुपये मोबाइल खरीदने के लिए भेजे थे।
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रक्षाबंधन पर बहन ने बुलाया था, पर नहीं गया
बहन अनीता देवी ने बताया कि उसकी ससुराल नोएडा में है। रक्षाबंधन में उसने फोन करके भाई अनिल को अपने पास बुलाया था। उसका कहना था कि एक दिन की छुट्टी है। उसे दो एसाइनमेंट पूरे करने को मिले हैं। इसलिए वह रक्षाबंधन में उसके पास नहीं आ पाएगा। वह आखिरी बार डेढ़ माह पहले परीक्षा देने के बाद छुट्टी में एक माह के लिए घर आया था। परिजनों ने बताया कि अनिल ने राजस्थान कोटा में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी की थी। उसका प्रवेश परीक्षा में 142वां स्थान आया था। छोटा भाई आशीष 12वीं का छात्र है।



बबेरू के अनौसा गांव का रहने वाले थे परिजन
बांदा। मृतक छात्र अनिल के परिजन बबेरू कोतवाली क्षेत्र के अनौसा गांव के रहने वाले थे। 15 साल पहले उन्होंने राजीव नगर में घर बनाया था। पिता की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं थी, पिता की इच्छा थी कि वह इंजीनियर बने, इससे उसकी पढ़ाई में कभी कमी नहीं की। रिटायर्ड शिक्षक बाबा शिवराज प्रसाद की पेंशन से उसकी पढ़ाई चल रही थी। दादी पार्वती ने बताया कि आखिरी बार पौत्र अनिल से बुधवार की शाम फोन पर बात हुई थी। घर में मां विद्या, बड़ा भाई अनिल, भाभी सुनैना, छोटा भाई आशीष, बहन अनीता व बहनोई विमल थे।
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