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स्कूल आकर खिले छात्र-छात्राओं के चेहरे, सहपाठियों का लिया हाल
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The faces of students and students blossomed after coming to school, the condition of classmates
- फोटो : BANDA
बांदा। अर्से बाद स्कूल खुलने और सहपाठी-सहेलियों से मिलने की खुशी तो दूसरी तरफ कोरोना के मंडराते खतरे की चिंता। सोमवार को स्कूल आए छात्र-छात्राओं के चेहरों पर यही दोहरे भाव नजर आए। कोविड-19 से बचाव की तैयारियों के दिलाए गए तमाम भरोसों के बाद भी गिनेचुने विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे।
हालांकि शासन से निर्धारित 50 फीसदी का मानक पूरा नहीं हो पाया। पहले दिन पढ़ाई से ज्यादा सहपाठियों और सहेलियों से हालचाल लेने में बीता। छात्र-छात्राओं का कहना था कि सात माह घरों में कैद थे। ऑनलाइन पढ़ाई से भी ऊब चुके थे। स्कूल खुलने से कुछ नयापन महसूस हो रहा है। स्कूल आए ऐसे ही विद्यार्थियों की कहानी उन्हीं की जुबानी।
माता-पिता ने दी स्कूल आने की प्रेरणा
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में 9वीं की छात्रा प्रेरणा का कहना था कि स्कूल आने के लिए उसे माता-पिता ने प्रेरणा दी। घर में पढ़ाई नहीं हो पाती थी। कोरोना से बचाव के पूरे उपाय के साथ स्कूल आई है। स्कूल आकर अच्छा लगा। माहौल भी यहां ठीक है।
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पढ़ाई के माहौल में समय लगेगा
सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्रा वर्षा ने कहा कि स्कूल आने की खुशी तो है पर अभी पढ़ाई का माहौल बनने में समय लगेगा। माता-पिता की लिखित सहमति से वह स्कूल आई हैं। लंबे समय तक घर में रहना अच्छा नहीं था।
कक्षाएं चलेंगी तो स्थिति होगी सामान्य
बजरंग इंटर कॉलेज के 11वीं के छात्र हेमचंद्र ने कहा कि कोरोना से बचाव की व्यवस्थाओं से कॉलेज आने की हिम्मत हुई। माता-पिता ने भी बचाव के उपायों पर सजग रहने की नसीहत दी है। दो-चार दिन में कक्षाएं चलेंगी तो सब सामान्य हो जाएगा।
घर की पढ़ाई में छूट रहा था कोर्स
डीएवी इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र नीरज का कहना है कि स्कूल खुलने की उसे खुशी है। घर में पढ़ाई का माहौल नहीं मिल पा रहा था। ऑनलाइन शिक्षा में बहुत कुछ छूट जाता था। अब कॉलेज आकर नियमित रूप से पढ़ाई कर परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
बांदा। जीआईसी, जीजीआईसी, डीएवी इंटर कॉलेज, बजरंग इंटर कालेज, खानकाह इंटर कालेज, आर्य कन्या इंटर कालेज, नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज, फात्मा गर्ल्स इंटर कॉलेज, भगवती ओमर बालिका इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर आदि में गेट पर ही छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
कक्षा शुरू होने से पूर्व सैनिटाइजेशन कराया गया। हैंडवॉश के साथ विद्यार्थियों के बैठने में दूरी रखी गई। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र, एसडीएम सुधीर सिंह ने कालेजों में कोविड-19 व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने भी मुख्यालय के कई कालेजों की कक्षाओं का जायजा लिया।
कस्बों के कालेजों में भी कम रही उपस्थिति
बबेरू/अतर्रा/तिंदवारी। कस्बों में भी इंटर तक की कक्षाएं चालू हो गईं। हरेक स्कूल में गाइड लाइन के अनुरूप सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग, सीटों में डिस्टेंसिंग की व्यवस्थाएं की गई थीं। बबेरू में जेपी शर्मा इंटर कॉलेज में एसडीएम सौरभ शुक्ला ने व्यवस्थाएं देखीं। प्रधानाचार्य डॉ. अनिल सिंह ने छात्र-छात्राओं को मास्क पर जोर दिया।
महर्षि कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सीमा श्रीवास्तव ने छात्राओं को कोरोना गाइड लाइन के साथ पढ़ाई करने को प्रेरित किया। तिंदवारी के एसएन इंटर कॉलेज में 245 छात्र सहमति पत्र के साथ आए। बगैर सहमति पत्र लेकर आने वालों को वापस कर दिया गया। एसडी गर्ल्स कॉलेज में 56 छात्राएं आईं। प्रधानाचार्य राधा ने कॉलेज को सैनिटाइज कराया।
जीजीआईसी प्रधानाचार्य रंजना सिंह ने कहा कि पहले दिन 50 छात्राओं को ही प्रवेश दिया गया। अतर्रा में एसडीएम जेपीि यादव ने ब्रह्म विज्ञान इंटर कॉलेज, जीजीआईसी अतर्रा, सरस्वती इंटर कॉलेज, हिंदू इंटर कॉलेज आदि का निरीक्षण किया। कस्बे में कोविड-19 गाइड लाइन कुछ विद्यालयों में हवा हवाई रहीं। संचालकों ने छात्र उपस्थिति न होने की बात कही।
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हालांकि शासन से निर्धारित 50 फीसदी का मानक पूरा नहीं हो पाया। पहले दिन पढ़ाई से ज्यादा सहपाठियों और सहेलियों से हालचाल लेने में बीता। छात्र-छात्राओं का कहना था कि सात माह घरों में कैद थे। ऑनलाइन पढ़ाई से भी ऊब चुके थे। स्कूल खुलने से कुछ नयापन महसूस हो रहा है। स्कूल आए ऐसे ही विद्यार्थियों की कहानी उन्हीं की जुबानी।
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माता-पिता ने दी स्कूल आने की प्रेरणा
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में 9वीं की छात्रा प्रेरणा का कहना था कि स्कूल आने के लिए उसे माता-पिता ने प्रेरणा दी। घर में पढ़ाई नहीं हो पाती थी। कोरोना से बचाव के पूरे उपाय के साथ स्कूल आई है। स्कूल आकर अच्छा लगा। माहौल भी यहां ठीक है।
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पढ़ाई के माहौल में समय लगेगा
सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्रा वर्षा ने कहा कि स्कूल आने की खुशी तो है पर अभी पढ़ाई का माहौल बनने में समय लगेगा। माता-पिता की लिखित सहमति से वह स्कूल आई हैं। लंबे समय तक घर में रहना अच्छा नहीं था।
कक्षाएं चलेंगी तो स्थिति होगी सामान्य
बजरंग इंटर कॉलेज के 11वीं के छात्र हेमचंद्र ने कहा कि कोरोना से बचाव की व्यवस्थाओं से कॉलेज आने की हिम्मत हुई। माता-पिता ने भी बचाव के उपायों पर सजग रहने की नसीहत दी है। दो-चार दिन में कक्षाएं चलेंगी तो सब सामान्य हो जाएगा।
घर की पढ़ाई में छूट रहा था कोर्स
डीएवी इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र नीरज का कहना है कि स्कूल खुलने की उसे खुशी है। घर में पढ़ाई का माहौल नहीं मिल पा रहा था। ऑनलाइन शिक्षा में बहुत कुछ छूट जाता था। अब कॉलेज आकर नियमित रूप से पढ़ाई कर परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
बांदा। जीआईसी, जीजीआईसी, डीएवी इंटर कॉलेज, बजरंग इंटर कालेज, खानकाह इंटर कालेज, आर्य कन्या इंटर कालेज, नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज, फात्मा गर्ल्स इंटर कॉलेज, भगवती ओमर बालिका इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर आदि में गेट पर ही छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
कक्षा शुरू होने से पूर्व सैनिटाइजेशन कराया गया। हैंडवॉश के साथ विद्यार्थियों के बैठने में दूरी रखी गई। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र, एसडीएम सुधीर सिंह ने कालेजों में कोविड-19 व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने भी मुख्यालय के कई कालेजों की कक्षाओं का जायजा लिया।
कस्बों के कालेजों में भी कम रही उपस्थिति
बबेरू/अतर्रा/तिंदवारी। कस्बों में भी इंटर तक की कक्षाएं चालू हो गईं। हरेक स्कूल में गाइड लाइन के अनुरूप सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग, सीटों में डिस्टेंसिंग की व्यवस्थाएं की गई थीं। बबेरू में जेपी शर्मा इंटर कॉलेज में एसडीएम सौरभ शुक्ला ने व्यवस्थाएं देखीं। प्रधानाचार्य डॉ. अनिल सिंह ने छात्र-छात्राओं को मास्क पर जोर दिया।
महर्षि कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य सीमा श्रीवास्तव ने छात्राओं को कोरोना गाइड लाइन के साथ पढ़ाई करने को प्रेरित किया। तिंदवारी के एसएन इंटर कॉलेज में 245 छात्र सहमति पत्र के साथ आए। बगैर सहमति पत्र लेकर आने वालों को वापस कर दिया गया। एसडी गर्ल्स कॉलेज में 56 छात्राएं आईं। प्रधानाचार्य राधा ने कॉलेज को सैनिटाइज कराया।
जीजीआईसी प्रधानाचार्य रंजना सिंह ने कहा कि पहले दिन 50 छात्राओं को ही प्रवेश दिया गया। अतर्रा में एसडीएम जेपीि यादव ने ब्रह्म विज्ञान इंटर कॉलेज, जीजीआईसी अतर्रा, सरस्वती इंटर कॉलेज, हिंदू इंटर कॉलेज आदि का निरीक्षण किया। कस्बे में कोविड-19 गाइड लाइन कुछ विद्यालयों में हवा हवाई रहीं। संचालकों ने छात्र उपस्थिति न होने की बात कही।

जीआईसी में पहले दिन पहली पाली में यूं चली कक्षा।- फोटो : BANDA