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प्रदर्शनी से कराया बुंदेलखंड का दर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 07 Nov 2015 11:52 PM IST
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बांदा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय
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अधिवेशन में शनिवार को अंतिम दिन बुंदेलखंड दर्शन चित्र प्रदर्शनी लगाई।
बुंदेलखंड के पर्यटक और प्राचीन स्थलों के चित्रों का बड़ी संख्या में
लोगों ने अवलोकन किया। इनमें कई जिले के लोग शामिल थे। इस प्रदर्शनी को
बुंदेलखंड टूरिज्म डॉट इन वेबसाइट पर डाला जाएगा।
केसीएनआईटी में तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन खत्म हो गया। चित्रों की प्रदर्शनी में बताया गया कि यूपी और एमपी में फैले बुंदेलखंड की सांस्कृतिक और एतिहासिक धरोहरों की जानकारी वेबसाइट के जरिये उपलब्ध कराई जाएगी। बुंदेलखंड के पर्यटन स्थल फेसबुक और सोशल मीडिया से लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
प्रदर्शनी मेें कालिंजर और झांसी के दुर्ग सहित चित्रकूट का कामदगिरी मंदिर, पन्ना का टाइगर रिजर्व व पांडव फाल, खजुराहो व देवगढ़ के मंदिर और दीवारी व राई नृत्य शामिल थे।
प्रदर्शन को बुंदेलखंड दर्शन नाम दिया गया। आयोजक श्यामजी निगम और शोभित निगम ने बताया कि बुंदेलखंड को उन्नत बनाने के लिए बुंदेलखंड पर्यटन विकास समिति प्रयास जारी रखेगी।
प्रदर्शन में झांसी से आए अनिल बाथम, महोबा की निहारिका एवं रचना ने कहा कि इससे बुंदेलखंड को नई पहचान और नया नाम मिलेगा।
बुंदेलखंड के विभिन्न स्कूल-कालेजों से आए छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी देखी और अपने विचार लिखे। इनमें अजय यादव, दुर्गेश द्विवेदी, शिवम चौहान, दिलीप सिंह, अभिनीत सिंह, अभय प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, उमेश तिवारी, रसना तिवारी, अनुरागिनी, अशरफ नेहाल सिद्दीकी आदि शामिल हैं।
केसीएनआईटी में तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन खत्म हो गया। चित्रों की प्रदर्शनी में बताया गया कि यूपी और एमपी में फैले बुंदेलखंड की सांस्कृतिक और एतिहासिक धरोहरों की जानकारी वेबसाइट के जरिये उपलब्ध कराई जाएगी। बुंदेलखंड के पर्यटन स्थल फेसबुक और सोशल मीडिया से लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
प्रदर्शनी मेें कालिंजर और झांसी के दुर्ग सहित चित्रकूट का कामदगिरी मंदिर, पन्ना का टाइगर रिजर्व व पांडव फाल, खजुराहो व देवगढ़ के मंदिर और दीवारी व राई नृत्य शामिल थे।
प्रदर्शन को बुंदेलखंड दर्शन नाम दिया गया। आयोजक श्यामजी निगम और शोभित निगम ने बताया कि बुंदेलखंड को उन्नत बनाने के लिए बुंदेलखंड पर्यटन विकास समिति प्रयास जारी रखेगी।
प्रदर्शन में झांसी से आए अनिल बाथम, महोबा की निहारिका एवं रचना ने कहा कि इससे बुंदेलखंड को नई पहचान और नया नाम मिलेगा।
बुंदेलखंड के विभिन्न स्कूल-कालेजों से आए छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी देखी और अपने विचार लिखे। इनमें अजय यादव, दुर्गेश द्विवेदी, शिवम चौहान, दिलीप सिंह, अभिनीत सिंह, अभय प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, उमेश तिवारी, रसना तिवारी, अनुरागिनी, अशरफ नेहाल सिद्दीकी आदि शामिल हैं।