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Banda News: डॉक्टर बीमार, फार्मासिस्ट कर रहा मरीजों का इलाज

Sun, 14 Jul 2024 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:34 AM IST
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The doctor is ill, the pharmacist is treating the patients
बांदा। पैलानी क्षेत्र के चंदवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब ढाई साल से डॉक्टर नहीं हैं। यहां तैनात डॉ. शबीना निजामी पैरालाइज हैं। इस कारण वह पीएचसी नहीं आ रही हैं। आसपास के लोगों को बढि़या इलाज नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ का कहना है कि पर्याप्त डॉक्टर मिलेंगे तो यहां तैनाती की जाएगी।
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पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट महेंद्र उत्तम मरीजों को देखकर दवा दे रहे हैं। गंभीर हालत में आने वाले मरीज को तत्काल रेफर देते हैं। फार्मासिस्ट ने बताया कि डॉ. निजामी के बीमार हो जाने के बाद अभी तक किसी दूसरे चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई है।
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फार्मासिस्ट महेंद्र उत्तम ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में वार्डबॉय और स्वीपर तक नहीं है। एलटी अखिलेश कई दिनों से नहीं आ रहे हैं। जनवरी में ज्वाइन करने के बाद से कुछ ही दिन पीएचसी में ड्यूटी की। इसके अलावा अन्य स्टाफ भी पीएचसी में नहीं है। बताया कि वर्ष 2021 में डाॅ. शबीना निजामी की तैनाती हुई थी। यह भी बताया कि एएनएम का डेढ़ वर्ष पहले तबादला हो गया था। इस पीएचसी में 12 से अधिक गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। डॉक्टर न होने से प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज कराते हैं।
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होम्योपैथी अस्पताल पर लटक रहा ताला
चंदवारा में होम्योपैथी अस्पताल भी है। वर्ष 2012 में 48 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया। वर्ष 2020 में एक डॉक्टर की तैनाती की गई थी। उन्होंने कुछ समय तक मरीजों का इलाज किया, लेकिन डॉक्टर साहब अब अस्पताल नहीं आते। इस करण होम्योपैथी अस्पताल में करीब एक साल से ताला लटक रहा है।


डॉक्टरों की तैनाती के लिए लिखा शासन को पत्र
वर्तमान में जिले के अस्पतालों के लिए 128 डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन अभी सिर्फ 43 ही डॉक्टर हैं। डाॅक्टरों की कमी के कारण सभी पीएचसी और सीएचसी में पर्याप्त डाॅक्टर नहीं भेज पा रहे हैं। डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को लगातार पत्र लिख रहे हैं। पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध होते हैं तो वह पीएचसी में भेजेंगे। अभी जितने डाक्टर हैं, उसी हिसाब से काम किया जा रहा है। -डॉ. एके श्रीवस्तव, सीएमओ, बांदा।


जसपुरा और बांदा जाते हैं इलाज कराने
चंदवारा के करन कश्यप ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक न होने की वजह से जसपुरा और जिला अस्पताल बांदा उपचार कराने जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे की बर्बादी होती है।


जिला अस्पताल जाना मजबूरी


गांव के सिद्धगोपाल का कहना है कि वायरल फीवर का उपचार हो पाना भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मुश्किल हो गया है। फार्मासिस्ट दवाइयों का वितरण करता है। मरीज जिला अस्पताल जाने के लिए मजबूर हैं।
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