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Banda News: अवमानना पर न्यायालय ने डीएम से मांगा स्पष्टीकरण
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बांदा। उच्च न्यायालय ने तीन वर्ष पूर्व निरस्त की गई देसी शराब की दो दुकानों को पुनर्स्थापित कराने का आदेश दिया। आदेश का अनुपालन न करने पर न्यायालय ने जिलाधिकारी व आबकारी अधिकारी से जवाब मांगा है।
ओरन कस्बा निवासी श्याम सुंदर शिवहरे की तिंदवारी व लुकतरा में देसी शराब की दुकानें थीं। आबकारी अधिकारी ने 11 अक्टूबर 2021 को इन दोनों दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। ठेकेदार ने इसके विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दायर की।
उच्च न्यायालय ने छह नवंबर को अपने आदेश में तिंदवारी व लुकतरा की देसी शराब की दुकानों को पूर्व की भांति उन्हीं शर्तों पर पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया था। डेढ़ माह बीतने तथा कई प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को देने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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इस पर ठेकेदार ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। शुक्रवार को उच्च न्यायालय इलाहबाद ने याचिका पर सुनवाई की और जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह एवं अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कहा है कि क्यों न आप पर उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना पर कार्रवाई की जाए।
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ओरन कस्बा निवासी श्याम सुंदर शिवहरे की तिंदवारी व लुकतरा में देसी शराब की दुकानें थीं। आबकारी अधिकारी ने 11 अक्टूबर 2021 को इन दोनों दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। ठेकेदार ने इसके विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दायर की।
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उच्च न्यायालय ने छह नवंबर को अपने आदेश में तिंदवारी व लुकतरा की देसी शराब की दुकानों को पूर्व की भांति उन्हीं शर्तों पर पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया था। डेढ़ माह बीतने तथा कई प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को देने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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इस पर ठेकेदार ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। शुक्रवार को उच्च न्यायालय इलाहबाद ने याचिका पर सुनवाई की और जिलाधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह एवं अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कहा है कि क्यों न आप पर उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना पर कार्रवाई की जाए।