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शहर के जल संकट से प्रशासन बेसुध
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 18 May 2016 12:21 AM IST
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इंदिरा नगर दीप शिखा कालोनी में जल संस्थान की टूटी (लीकेज) पाइप लाइन के गड्ढे से पानी भरते क्षेत्रीय बाशिंदे।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर को दांव पर लगाकर प्रशासन गांव में जुटा है। रिकार्ड तोड़ प्रचंड गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा है। गांव की तर्ज पर शहर के बाशिंदे भी पाइप लाइनों के लीकेज से गड्ढों में भर रहे प्रदूषित पानी से प्यास बुझा रहे हैं। कई घनी बस्तियों में पाइप लाइन नदारद है तो हैंडपंप भी खराब हैं।
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पिछले करीब एक माह से मंडल मुख्यालय में पेयजल संकट गहराया हुआ है। नलों में बमुश्किल 20 मिनट से 60 मिनट तक ही पानी आ रहा है। इसमें भी शुरू के 15-20 मिनट का पानी बेहद गंदा और बदबूदार पानी आता है। साफ पानी की बारी आते-आते जलापूर्ति बंद हो जाती है। शहर के इक्का-दुक्का इलाकों को छोड़कर हर जगह पानी की त्राहि-त्राहि है।
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लेकिन आज तक प्रशासन का कोई अधिकारी सुबह या शाम लाखों नागरिकों की इस समस्या का जायजा लेने नहीं निकला। डीवीटी टीमें बनाकर सारे अफसरों को गांवों मेें लगा दिया गया है। शहर की कोई सुध नहीं ले रहा। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने कई दिन सुबह शहर का भ्रमण कर चश्मदीद पानी का संकट देखा।
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उन्हें भी संस्थान अधिकारियों ने पानी के बजाए आश्वासन की घुट्टी पिला दी। इंदिरा नगर दीपशिखा कालोनी (बाबा तालाब) के पास जल संस्थान की पाइप लाइन में हुए लीकेज से गड्ढे में भर रहा गंदा पानी स्थानीय लोग ढोकर घर ले जा रहे हैं। उसे छानकर पी रहे हैं।
यहां के नंदू यादव, कैलाश यादव, राजू, रामप्रकाश, मनोज आदि ने बताया कि हफ्तों नहाने के लाले पड़े हैं। तमाम अर्जियां दीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को शहर के शांती नगर के बाशिंदों ने तहसील दिवस में सामूहिक हस्ताक्षरों से अर्जी देकर बताया कि उनके मोहल्ले में पाइप लाइन नहीं है। काफी दूर से पानी ढो रहे हैं। सिर्फ 500 मीटर दूरी पर पाइप लाइन है।
इसे आगे बढ़ा दिया जाए तो करीब दो हजार लोगों को पानी मयस्सर हो सकता है। अर्जी देने वालों मेें अधिवक्ता छक्कू लाल श्रीवास, आशीष यादव, शिवबरन प्रजापति, सुखराम वर्मा, विजय साहू, रामराज साहू, ओम प्रकाश प्रजापति, मोहनलाल, अंशु प्रजापति आदि शामिल रहे। उधर, सपा नेता सिकंदर सिंह ने डीएम को दी अर्जी में कहा कि खाईपार में हैंडपंप नंबर-882, 889 और 890 तथा गूलरनाका में हैंडपंप नबंर-666 और संकट मोचन मंदिर के पास हैंडपंप नंबर 22 खराब हैं। कई हैंडपंपों के पास अतिक्रमण कर लिया गया है।