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‘महिला के किरदार हैं अनेक, जिसे वह बखूबी निभाती हैं’
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'The characters of the woman are many, which she plays well'
- फोटो : BANDA
बांदा। ‘महिला के किरदार हैं अनेक, जिसे वह बखूबी निभाती हैं, शक्ति का रूप जगत जननी हैं हर किरदार में वो रम जाती हैं’। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला और जिला प्रशासन तथा अग्रणी जिला प्रकोष्ठ व आरसेटी के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान पर जोर दिया गया।
इंडियन बैंक ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) सभागार में आयोजित समारोह में जिले के आठ ब्लाकों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव आनंद ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। कहा कि आत्मनिर्भर बनकर महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं। निदेशक प्रकाश वीर ने कहा कि महिलाएं किसी मायने में कमजोर नहीं हैं।
हौसला बढ़ाने की जरूरत है। प्रशिक्षार्थी शालिनी पांडेय ने कहा कि बंदिशों को तोड़कर महिलाएं आगे बढ़ें। माया निषाद ने कहा कि बेटा घर का चिराग होता है तो बेटी दो परिवारों को संवारती है। इस अवसर पर महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। अमितेंद्र यादव, अरुण कुमार, शीलू शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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इंडियन बैंक ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) सभागार में आयोजित समारोह में जिले के आठ ब्लाकों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव आनंद ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। कहा कि आत्मनिर्भर बनकर महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं। निदेशक प्रकाश वीर ने कहा कि महिलाएं किसी मायने में कमजोर नहीं हैं।
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हौसला बढ़ाने की जरूरत है। प्रशिक्षार्थी शालिनी पांडेय ने कहा कि बंदिशों को तोड़कर महिलाएं आगे बढ़ें। माया निषाद ने कहा कि बेटा घर का चिराग होता है तो बेटी दो परिवारों को संवारती है। इस अवसर पर महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। अमितेंद्र यादव, अरुण कुमार, शीलू शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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