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मारपीट का केस 28 साल चला, सजा हुई 25 दिन
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बांदा। एक मामूली सी कहासुनी के मारपीट का केस 28 साल तक चला। इसमें 972 तारीखें लगीं। मंगलवार को अदालत ने आरोपी पर पांच हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं अदा करने पर 25 दिन की सजा भुगतनी पड़ेगी।
घटना बबेरू थाना क्षेत्र के कायल गांव की है। 12 जनवरी 1994 को शाम 3 बजे वीरेंद्र (11) और शत्रुघ्न (8) पुत्तन के खेत में चना की भाजी तोड़ रहे थे। इसी बीच खेत मालिक पहुंच गया और बच्चों की पिटाई कर दी। बच्चे रोते हुए घर पहुंचे और पूरी बात पिता को बताई। पिता ने थाने में मारपीट व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी पुत्तन के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। 28 साल तक चले मामले में 972 तारीखें पड़ीं।
न्यायाधीश ने आरोपी पुत्तन पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 25 दिन की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित बालकों को दी जाएगी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजकों में विमल सिंह, जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार द्विवेदी ने पैरवी की।
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घटना बबेरू थाना क्षेत्र के कायल गांव की है। 12 जनवरी 1994 को शाम 3 बजे वीरेंद्र (11) और शत्रुघ्न (8) पुत्तन के खेत में चना की भाजी तोड़ रहे थे। इसी बीच खेत मालिक पहुंच गया और बच्चों की पिटाई कर दी। बच्चे रोते हुए घर पहुंचे और पूरी बात पिता को बताई। पिता ने थाने में मारपीट व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी पुत्तन के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। 28 साल तक चले मामले में 972 तारीखें पड़ीं।
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न्यायाधीश ने आरोपी पुत्तन पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 25 दिन की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित बालकों को दी जाएगी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजकों में विमल सिंह, जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार द्विवेदी ने पैरवी की।
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