{"_id":"685c3d0577e7eb9f6f04f7d5","slug":"the-bill-reading-game-is-under-intelligence-investigation-banda-news-c-12-1-knp1055-1164168-2025-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बिलिंग रीडिंग का खेल खुफिया जांच के घेरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बिलिंग रीडिंग का खेल खुफिया जांच के घेरे में
विज्ञापन
बांदा। मीटर रीडिंग और उपभोक्ताओं के बिलों में यूनिट बढ़ाने-घटाने के चल रहे खेल में पावर काॅरपोरेशन को लग रही लाखों की चपत की खबरें मीडिया में आने के बाद सरकार की खुफिया एजेंसियां भी छानबीन और जांच पड़ताल में जुट गई हैं। घोटाले के इस गोरखधंधे में संलिप्त अभियंताओं से लेकर संबंधित कर्मचारी तक जांच के घेरे में हैं।
शहर के उपभोक्ता बिल गड़बड़ियों से त्रस्त हैं। मुख्यालय के पीलीकोठी व तुलसी नगर सब स्टेशनों में रोजाना तमाम उपभोक्ता इसी शिकायत को को लेकर लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के साथ शोषण का खेल मीटर कार्यशाला (लैब) से चल रहा है। लैब में अंधेरगर्दी का ये आलम है कि पूरी तरह जल गए मीटरों में भी यहां के कर्मियों की दिव्य दृष्टि रीडिंग देख रही है। बिलों में मनगढ़ंत यूनिट दर्ज कर उनमें संशोधन करके 50 फीसदी तक रकम जमा करने के ऑफर दिए जा रहे हैं। हालांकि कार्पोरेशन के खाते में इस संशोधित रकम एक चौथाई हिस्सा ही जमा होता है। इसी तरह हाल ही में बदले गए स्मार्ट मीटरों की बढ़ चढ़ कर आ रही रीडिंग दुरुस्त कराने को उपभोक्ताओं को मुट्ठी ढीली करनी पड़ रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि पीली कोठी सब स्टेशन में साहब और लैब के अभियंता उनकी शिकायतों की अनसुनी कर देते हैं।
हाल ही में अमर उजाला में बिल के खेल से पावर कारपोरेशन को लग रही लाखों की चपत की प्रकाशित खबरें कार्पोरेशन प्रबंधन और शासन तक पहुंच गई हैं। उधर, खुफिया एजेंसियां भी प्रकाशित तथ्यों की जांच में लग गई हैं। पीड़ित उपभोक्ताओं से जानकारी और कागज़ी सुबूत जुटाए जा रहे हैं। हालांकि ये एजेंसियां इस बाबत कोई जानकारी नहीं दे रहीं। गोपनीय ढंग से काम कर रही हैं। उधर, अधिशासी अभियंता (नगरीय) राजीव रंजन ने इस बाबत पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के उपभोक्ता बिल गड़बड़ियों से त्रस्त हैं। मुख्यालय के पीलीकोठी व तुलसी नगर सब स्टेशनों में रोजाना तमाम उपभोक्ता इसी शिकायत को को लेकर लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के साथ शोषण का खेल मीटर कार्यशाला (लैब) से चल रहा है। लैब में अंधेरगर्दी का ये आलम है कि पूरी तरह जल गए मीटरों में भी यहां के कर्मियों की दिव्य दृष्टि रीडिंग देख रही है। बिलों में मनगढ़ंत यूनिट दर्ज कर उनमें संशोधन करके 50 फीसदी तक रकम जमा करने के ऑफर दिए जा रहे हैं। हालांकि कार्पोरेशन के खाते में इस संशोधित रकम एक चौथाई हिस्सा ही जमा होता है। इसी तरह हाल ही में बदले गए स्मार्ट मीटरों की बढ़ चढ़ कर आ रही रीडिंग दुरुस्त कराने को उपभोक्ताओं को मुट्ठी ढीली करनी पड़ रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि पीली कोठी सब स्टेशन में साहब और लैब के अभियंता उनकी शिकायतों की अनसुनी कर देते हैं।
विज्ञापन
हाल ही में अमर उजाला में बिल के खेल से पावर कारपोरेशन को लग रही लाखों की चपत की प्रकाशित खबरें कार्पोरेशन प्रबंधन और शासन तक पहुंच गई हैं। उधर, खुफिया एजेंसियां भी प्रकाशित तथ्यों की जांच में लग गई हैं। पीड़ित उपभोक्ताओं से जानकारी और कागज़ी सुबूत जुटाए जा रहे हैं। हालांकि ये एजेंसियां इस बाबत कोई जानकारी नहीं दे रहीं। गोपनीय ढंग से काम कर रही हैं। उधर, अधिशासी अभियंता (नगरीय) राजीव रंजन ने इस बाबत पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन