{"_id":"5ebb6c5ddd7fad5d006359f75f18f14d","slug":"teenager-killed-by-dengue-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से किशोरी की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से किशोरी की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 11 Oct 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा/बेंदाघाट। डेंगू से किशोरी की मौत हो गई। एक
विज्ञापन
सप्ताह के अंदर डेंगू से यह दूसरी मौत है। डेंगू से ग्रस्त कई रोगियों का
कानपुर में इलाज किया जा रहा है। उधर, बेंदा गांव में स्वास्थ्य शिविर में
बुखार से ग्रस्त पांच मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए।
बदौसा कसबा निवासी अर्चना (13) पुत्री रामकरन को बुखार आने पर 7 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसे यहां से कानपुर रिफर कर दिया गया। शनिवार को शाम उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस घर आ गए।
इसके पहले कमासिन थाना क्षेत्र के मुसीवां गांव निवासी शिवाकांत की इलाहाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उधर, डेंगू से ग्रस्त तिंदवारी क्षेत्र के बेंदा गांव निवासी नलकूप चालक रामबहादुर की हालत कानपुर में गंभीर बनी हुई है। शनिवार को गांव के सज्जन सिंह पुत्र मार्तंड प्रताप सिंह को भी तिंदवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डेंगू की पुष्टि होने पर कानपुर रिफर कर दिया गया था।
उधर, बेंदा और आसपास के गांवों में बुखार व डेंगू की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तिंदवारी की टीम ने रविवार को पंचायत भवन बेंदा में शिविर लगाकर 110 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और मुफ्त दवाएं दीं।
बुखार ग्रस्त कुसमा (65), मानसी (10), नैनसी (4), रीनू (16) और मोनू (18) में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर जिला चिकित्सालय में जांच कराने की सलाह दी। पीएचसी प्रभारी डा. नरेंद्र विश्वकर्मा के निर्देश पर डा. शैलेंद्र पटेल, फार्मासिस्ट असगर खां, गनेश प्रसाद द्विवेदी, सोनू पाखरे, उर्मिला देवी आदि मरीजों को देखा। ग्राम प्रधान विवेक कुमार सिंह, रोजगार सेवक नकुल सिंह, गुड्डू सिंह, विमल कुमार आदि ने व्यवस्था संभाली।
बदौसा कसबा निवासी अर्चना (13) पुत्री रामकरन को बुखार आने पर 7 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसे यहां से कानपुर रिफर कर दिया गया। शनिवार को शाम उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस घर आ गए।
इसके पहले कमासिन थाना क्षेत्र के मुसीवां गांव निवासी शिवाकांत की इलाहाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उधर, डेंगू से ग्रस्त तिंदवारी क्षेत्र के बेंदा गांव निवासी नलकूप चालक रामबहादुर की हालत कानपुर में गंभीर बनी हुई है। शनिवार को गांव के सज्जन सिंह पुत्र मार्तंड प्रताप सिंह को भी तिंदवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डेंगू की पुष्टि होने पर कानपुर रिफर कर दिया गया था।
उधर, बेंदा और आसपास के गांवों में बुखार व डेंगू की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तिंदवारी की टीम ने रविवार को पंचायत भवन बेंदा में शिविर लगाकर 110 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और मुफ्त दवाएं दीं।
बुखार ग्रस्त कुसमा (65), मानसी (10), नैनसी (4), रीनू (16) और मोनू (18) में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर जिला चिकित्सालय में जांच कराने की सलाह दी। पीएचसी प्रभारी डा. नरेंद्र विश्वकर्मा के निर्देश पर डा. शैलेंद्र पटेल, फार्मासिस्ट असगर खां, गनेश प्रसाद द्विवेदी, सोनू पाखरे, उर्मिला देवी आदि मरीजों को देखा। ग्राम प्रधान विवेक कुमार सिंह, रोजगार सेवक नकुल सिंह, गुड्डू सिंह, विमल कुमार आदि ने व्यवस्था संभाली।