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डीआईओएस और बेसिक शिक्षा कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण
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Surprise inspection of DM in DIOS and Basic Education Office
- फोटो : BANDA
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बांदा। डीएम के औचक निरीक्षण में जनपद में माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा के अफसरों की लापरवाही की पोल खुल गई। छात्र-छात्राओं के लिए स्कूलों में भेजी गई सामग्री सालों से बंद कमरे में मिली। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक से नाराजगी जताते हुए वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया। उधर, बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में अंधेरगर्दी और लापरवाही के साथ ही अनुपस्थित वित्त एवं लेखाधिकारी सहित 6 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। बेसिक शिक्षा के वरिष्ठ सहायक का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए।
गुरुवार को सुबह डीएम अनुराग पटेल जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंच गए। विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। हर जगह गंदगी मिली। तीन दिन में सफाई का डीआईओएस को अल्टीमेटम दिया। कार्यालय के तीन कमरों में जड़े तालों को डीएम ने तुड़वा देखा तो वहां भारी मात्रा में सरकारी कीमती सामान कबाड़ की शक्ल में मिला। स्कूलों के लिए आए बक्से, अलमारियां, हारमोनियम, सिलाई मशीन, टेप रिकार्ड कबाड़ था। ये कमरे लंबे अरसे से खुलवाए ही नहीं गए थे। डीएम ने मौके पर मौजूद डीआईओएस विनोद कुमार सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया और निर्देश दिए कि समिति गठित करके निष्प्रयोज्य सामान की नीलामी कराएं।
इनसेट
1058 अध्यापकों में 203 का भेजा सत्यापन
बांदा। बेसिक शिक्षा कार्यालय में निरीक्षण के दौरान वित्त एवं लेखाधिकारी अभिषेक यादव, मिड-डे मील जिला समन्वयक भास्कर आसवानी, जिला समन्वयक (सिविल) मोहम्मद आमिर और समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) सूर्य प्रकाश व नरेंद्र तथा कनिष्ठ सहायक अनुपस्थित पाए गए। इन सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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डीएम ने पूरे कार्यालय में गंदगी देखी। बीएसए रामपाल सिंह को निर्देश दिए कि तीन दिन में अभियान चलाकर सफाई कराएं। डीएम ने वरिष्ठ सहायक साबिर से 69 हजार अध्यापकों की भर्ती में बांदा में भर्ती हुए अध्यापकों की संख्या पूछी। बताया गया कि 31,000 व 69,000 अध्यापकों की भर्ती में बांदा जनपद में कुल 1058 अध्यापकों की नियुक्ति हुई है। लेकिन इनमें अब तक सिर्फ 203 अध्यापकों के अभिलेख सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। डीएम ने रजिस्टर देखा तो पता चला कि 16 नवंबर 2021 के बाद सत्यापन से संबंधी कोई पत्राचार ही नहीं किया गया। इस बारे में संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने वरिष्ठ सहायक का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए।
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गुरुवार को सुबह डीएम अनुराग पटेल जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंच गए। विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। हर जगह गंदगी मिली। तीन दिन में सफाई का डीआईओएस को अल्टीमेटम दिया। कार्यालय के तीन कमरों में जड़े तालों को डीएम ने तुड़वा देखा तो वहां भारी मात्रा में सरकारी कीमती सामान कबाड़ की शक्ल में मिला। स्कूलों के लिए आए बक्से, अलमारियां, हारमोनियम, सिलाई मशीन, टेप रिकार्ड कबाड़ था। ये कमरे लंबे अरसे से खुलवाए ही नहीं गए थे। डीएम ने मौके पर मौजूद डीआईओएस विनोद कुमार सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया और निर्देश दिए कि समिति गठित करके निष्प्रयोज्य सामान की नीलामी कराएं।
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1058 अध्यापकों में 203 का भेजा सत्यापन
बांदा। बेसिक शिक्षा कार्यालय में निरीक्षण के दौरान वित्त एवं लेखाधिकारी अभिषेक यादव, मिड-डे मील जिला समन्वयक भास्कर आसवानी, जिला समन्वयक (सिविल) मोहम्मद आमिर और समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) सूर्य प्रकाश व नरेंद्र तथा कनिष्ठ सहायक अनुपस्थित पाए गए। इन सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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डीएम ने पूरे कार्यालय में गंदगी देखी। बीएसए रामपाल सिंह को निर्देश दिए कि तीन दिन में अभियान चलाकर सफाई कराएं। डीएम ने वरिष्ठ सहायक साबिर से 69 हजार अध्यापकों की भर्ती में बांदा में भर्ती हुए अध्यापकों की संख्या पूछी। बताया गया कि 31,000 व 69,000 अध्यापकों की भर्ती में बांदा जनपद में कुल 1058 अध्यापकों की नियुक्ति हुई है। लेकिन इनमें अब तक सिर्फ 203 अध्यापकों के अभिलेख सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। डीएम ने रजिस्टर देखा तो पता चला कि 16 नवंबर 2021 के बाद सत्यापन से संबंधी कोई पत्राचार ही नहीं किया गया। इस बारे में संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने वरिष्ठ सहायक का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए।