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डूबे बालक की चट्टान में फंसकर मौत
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अतर्रा/नरैनी। परिवार के साथ दर्शन के लिए सिद्धपीठ गुढ़ा के हनुमान मंदिर गए 10 वर्षीय बालक की बागै नदी में डूबकर मौत हो गई।
अतर्रा ग्रामीण के मजरा पुजारी सिंह का पुरवा का अमर सिंह अपने परिवार के साथ मंगलवार को सुबह 9 बजे गुढ़ा कला हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए बोलेरो से गए थे। मंदिर पहुंचने पर वह सभी नदी में नहाने लगे। इसी दौरान अमर सिंह के बड़े पुत्र अंशु सिंह (10) का पैर फिसल जाने से वह नदी की गहराई में समा गया और पत्थरों में फंस गया। ग्रामीणों ने तलाश कर उसे बाहर निकाला। पीएचसी में डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी।
अंशु तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। नरैनी रोड के इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता था। पिता मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में वह घर आए थे। ग्रामीणों ने बताया कि बागै नदी की यह चट्टान खूनी चट्टान के नाम से जानी जाती है। अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। समाजसेवी अंबरीष गर्ग, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मयंक द्विवेदी ने परिजनों को ढांढस बंधाया।
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अतर्रा ग्रामीण के मजरा पुजारी सिंह का पुरवा का अमर सिंह अपने परिवार के साथ मंगलवार को सुबह 9 बजे गुढ़ा कला हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए बोलेरो से गए थे। मंदिर पहुंचने पर वह सभी नदी में नहाने लगे। इसी दौरान अमर सिंह के बड़े पुत्र अंशु सिंह (10) का पैर फिसल जाने से वह नदी की गहराई में समा गया और पत्थरों में फंस गया। ग्रामीणों ने तलाश कर उसे बाहर निकाला। पीएचसी में डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी।
अंशु तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। नरैनी रोड के इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता था। पिता मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में वह घर आए थे। ग्रामीणों ने बताया कि बागै नदी की यह चट्टान खूनी चट्टान के नाम से जानी जाती है। अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। समाजसेवी अंबरीष गर्ग, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मयंक द्विवेदी ने परिजनों को ढांढस बंधाया।
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