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Banda News: एमबीबीएस छात्रा ने फंदा लगाकर की खुदकुशी
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बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस बैच 2020 की छात्रा ने छात्रावास के रूम नंबर 18 में दुपट्टे से पंखे में फंदा लगा लिया। फंदा लगाने से पहले उसने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया था। सहपाठी छात्राओं ने कमरे की खिड़की से उसे लटका देखा तो प्रधानाचार्य समेत वार्डेन को जानकारी दी। छात्राओं और अन्य प्राध्यापकों ने दरवाजा तोड़कर छात्रा को फंदे से उतारकर इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। घटनास्थल का अपर एसपी, सीओ और कोतवाल ने जांच की। छात्रा का मोबाइल कब्जे में लिया गया है। उधर देर शाम एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दी गई है।
राजस्थान के चुरू के लेखपाल प्रभुराम भार्गव की बेटी ऊषा भार्गव (23) रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा थी। बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद उसने अपने छात्रावास के रूम में दुपट्टे से पंखे से फंदा लगा लिया। एक बजे के करीब उसकी सहपाठी छात्राएं क्लास खत्म होने पर रूम पहुंचीं तो उन्होंने खिड़की से उसे लटकते देखा। उन्होंने शोर मचाकर वार्डेन, प्रधानाचार्य व प्राध्यापकों को जानकारी दी।
मौके पर पहुंचे प्रधानाचार्य, वार्डेन व प्राध्यापकों ने छात्राओं के साथ रूम का दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा और इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां डाॅक्टरों ने उसका उपचार किया। कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। प्रधानाचार्य ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। घटना की जानकारी पर अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ गवेंद्र पाल गौतम, कोतवाल मनोज शुक्ल मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज कुलदीप तिवारी आदि पहुंच गए। पुलिस ने रूम की जांच की है। रूम में टूटे हुए कांच के टुकड़े भी मिले हैं।
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पुलिस ने छात्रा के मोबाइल को कब्जे में लेकर उसका लॉक खुलवाने का प्रयास किया है। घटना की सूचना परिजनों को दी गई है। छात्रा के पिता व अन्य परिजन बांदा के लिए चल दिए हैं। उनके देर रात पहुंचने की संभावना है। छात्रा के पिता प्रभुराम भार्गव रतनगढ़ तहसील में लेखपाल बताए गए हैं। उधर देर शाम एडीएम अमिताभ ने छात्रावास पहुंचकर घटना की जांच की। सहपाठी छात्राओं के बयान लिए हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि घटना के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ. रजनी, डॉ. मुकेश व एडीएम अमिताभ शामिल हैं।
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राजस्थान के चुरू के लेखपाल प्रभुराम भार्गव की बेटी ऊषा भार्गव (23) रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा थी। बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद उसने अपने छात्रावास के रूम में दुपट्टे से पंखे से फंदा लगा लिया। एक बजे के करीब उसकी सहपाठी छात्राएं क्लास खत्म होने पर रूम पहुंचीं तो उन्होंने खिड़की से उसे लटकते देखा। उन्होंने शोर मचाकर वार्डेन, प्रधानाचार्य व प्राध्यापकों को जानकारी दी।
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मौके पर पहुंचे प्रधानाचार्य, वार्डेन व प्राध्यापकों ने छात्राओं के साथ रूम का दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा और इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां डाॅक्टरों ने उसका उपचार किया। कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। प्रधानाचार्य ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। घटना की जानकारी पर अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ गवेंद्र पाल गौतम, कोतवाल मनोज शुक्ल मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज कुलदीप तिवारी आदि पहुंच गए। पुलिस ने रूम की जांच की है। रूम में टूटे हुए कांच के टुकड़े भी मिले हैं।
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पुलिस ने छात्रा के मोबाइल को कब्जे में लेकर उसका लॉक खुलवाने का प्रयास किया है। घटना की सूचना परिजनों को दी गई है। छात्रा के पिता व अन्य परिजन बांदा के लिए चल दिए हैं। उनके देर रात पहुंचने की संभावना है। छात्रा के पिता प्रभुराम भार्गव रतनगढ़ तहसील में लेखपाल बताए गए हैं। उधर देर शाम एडीएम अमिताभ ने छात्रावास पहुंचकर घटना की जांच की। सहपाठी छात्राओं के बयान लिए हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि घटना के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ. रजनी, डॉ. मुकेश व एडीएम अमिताभ शामिल हैं।