{"_id":"9e220cbbb5f9ed1608af6b79a0b5a6a5","slug":"stchandi-nine-kundiy-sacrifice-for-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश के लिए नौ कुंडीय शतचंडी यज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के लिए नौ कुंडीय शतचंडी यज्ञ
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। बिन बारिश सब सूना है। फसलें सूख रही हैं। किसान भी आसमान की ओर निहार रहा है। बारिश नदारद है। ऐसे में जलवृष्टि के लिए अब पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों का सहारा लिया जा रहा है। लामा गांव में इसके लिए 10 दिवसीय शतचंडी यज्ञ किया जा रहा है। इसमें सवा सौ करोड़ आहुतियां देकर बारिश की कामना की जाएगी।
पूरा बुंदेलखंड बारिश के लिए तरस रहा है। तापमान के तेवर नीचे नहीं ढल रहे। सूखे खेतों की फसल सूख रही है। मौसम में गर्मी से बीमारियां बढ़ रही हैं। कमोबेश हाय-तोबा के हालात हैं। इसी बीच सदर तहसील के लामा गांव में स्थित बीछुल देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा और 10 दिवसीय नवकुंडीय यज्ञ किया जा रहा है।
यज्ञ संयोजक महंत स्वामी हरे श्याम ने बताया कि वृंदावन, बनारस और चित्रकूट के विद्वान आहुतियां दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुंदेलखंड में जल्द ही बारिश होगी। उधर, भागवत कथा में मुंबई से आईं कथा वाचक कात्यायनी ने संगीतमयी कथा में श्रीकृष्ण के जन्म की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यदि काम, क्रोध, काम, लोभ, मोह नहीं गया तो भगवान का स्नेह कैसे मिल सकता है ? भक्त के हृदय में प्रेम हो तो भगवान अपने आप बन जाते हैं। भागवत कथा के यजमान बृजकिशोर सिंह और उनकी पत्नी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूरा बुंदेलखंड बारिश के लिए तरस रहा है। तापमान के तेवर नीचे नहीं ढल रहे। सूखे खेतों की फसल सूख रही है। मौसम में गर्मी से बीमारियां बढ़ रही हैं। कमोबेश हाय-तोबा के हालात हैं। इसी बीच सदर तहसील के लामा गांव में स्थित बीछुल देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा और 10 दिवसीय नवकुंडीय यज्ञ किया जा रहा है।
विज्ञापन
यज्ञ संयोजक महंत स्वामी हरे श्याम ने बताया कि वृंदावन, बनारस और चित्रकूट के विद्वान आहुतियां दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुंदेलखंड में जल्द ही बारिश होगी। उधर, भागवत कथा में मुंबई से आईं कथा वाचक कात्यायनी ने संगीतमयी कथा में श्रीकृष्ण के जन्म की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यदि काम, क्रोध, काम, लोभ, मोह नहीं गया तो भगवान का स्नेह कैसे मिल सकता है ? भक्त के हृदय में प्रेम हो तो भगवान अपने आप बन जाते हैं। भागवत कथा के यजमान बृजकिशोर सिंह और उनकी पत्नी हैं।
विज्ञापन