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तस्करों और पुलिस की छिन गई ‘आमदनी’
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:05 AM IST
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अन्ना मवेशी।
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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प्रदेश के स्लॉटर हाउसों (बूचड़खानों) पर रोक से वहां पशुओं की आपूर्ति करने वाले चित्रकूटधाम मंडल के तमाम व्यापारियों, पशु तस्करों और पुलिस कर्मियों की ‘आमदनी’ मारी गई है।
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मंडल के चारों जनपदों में हर हफ्ते लगने वाले साप्ताहिक पशु बाजारों से लगभग 2000 पशु (भैंस व पड़वा) उन्नाव, फिरोजाबाद, अलीगढ़ आदि शहरों के स्लॉटर हाउस में भेजे जाते थे। पशुओं को गांवों से खरीदकर स्लॉटर हाउस तक पहुंचाने की ‘चेन’ बनी हुई थी। इसमें पशु पालक, व्यापारी, पशु बाजार मालिक और स्लॉटर हाउस के एजेंट शामिल थे। व्यापारी गांवों से जाकर अनुपयोगी भैंस व पड़वे औने-पौने दामों पर खरीदकर पशु बाजार लाते थे।
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यहां से स्लॉटर हाउसों के एजेंट इन पशुओं को समूचा तौलकर प्रति किलो की दर से खरीदते थे। पशुओं को तौलने के लिए पशु बाजार में तराजू लगाए गए थे। एजेंट पशुओं की खरीद 50 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव से करते थे। पशु बेचने वाले को पशु की कीमत स्लॉटर हाउस संचालक दो-चार दिनों के अंदर सीधे उसके बैंक खातों में भेजते थे।
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उधर, पशु लेकर जाने वाले वाहनों से रास्ते में पड़ने वाले थाने, चौकियों और चेकिंग स्थानों पर पुलिस कर्मी अवैध वसूली करते थे। 200 से लेकर 500 रुपये प्रति पशु की उगाही होती थी। उधर, पशु तस्कर भी इस कारोबार से कमाई कर रहे थे। वह पड़ोसी मध्य प्रदेश सहित अन्य जनपदों से पशु लाकर स्लॉटर हाउस के एजेंटों को बेचते थे।