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सिर काटकर हत्याओं के खुलासे में पुलिस फेल

Sun, 29 Aug 2021 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:33 PM IST
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sir kaatakar hatyaon ke khulaase mein pulis phel
बांदा। शहर के मवई बुजुर्ग गांव में स्थित कुएं में मिले सिरविहीन शव और करतल क्षेत्र में सिर काटकर की गई हत्या पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं। सिरविहीन शव मिलने की घटनाओं में पुलिस ढाई महीने बाद भी हवा में तीर मार रही है।
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कमोवेश यही स्थिति करतल में हुई हत्या की है। डेढ़ माह से ज्यादा समय बीत गया और पुलिस अब तक इस घटना का पर्दाफाश नहीं कर सकी। ये दोनों घटनाएं काफी चर्चित रहीं। एसपी अभिनंदन के लिए भी दोनों घटनाएं चुनौती से कम नहीं हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि हत्या की घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है।
केस-एक
डेढ़ माह बाद भी नहीं हुआ हत्या का खुलासा
नरैनी। युवक की सिर काटकर हत्या के मामले में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अतर्रा के तेरा (ब) निवासी राजा के बेटे बबलू उर्फ रामजी (35) करतल में किराये के मकान में रहकर रिश्ते के मामा की बोलेरो चलाता था।
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10 जुलाई की रात उसकी हत्या कर दी गई थी। सिर धड़ से अलग कर नहर के पास फेंक दिया था। मृतक के मामा संतोष मिश्रा ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी अभिनंदन ने सीओ व कोतवाली प्रभारी को हत्या का जल्द खुलासा करने के आदेश दिए थे।
तत्कालीन कोतवाली प्रभारी सविता श्रीवास्तव ने पूछताछ को क्षेत्र के दो दर्जन युवकों को उठाया, लेकिन वह खुलासा करने में असफल रहे। इसके बाद भी पुलिस अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी।
इधर, पुलिस विभाग में फेरबदल होने से पुलिस ढीली पड़ गई। मृतक के मामा ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस घटना का खुलासा नहीं करना चाहती है।
केस-दो
कुएं में मिले सिरविहीन शव का भी राजफाश नहीं
बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव में जंगल में स्थित कुएं में चार जून को मिले सिरविहीन युवक के शव की गुत्थी ढाई माह बाद भी नहीं सुलझ सकी। घटना का खुलासा तो दूर आज तक युवक की शिनाख्त भी नहीं हो पाई।
पुलिस के तमाम दावे भी इस घटना का खुलासा कर पाने में फ्लाप हो गए। न फोरेंसिक टीम से कोई सुराग लगा और न ही डॉग स्क्वॉड सफल हुआ। पुलिस ने दो बार कुएं से पानी निकलवाया, लेकिन उसका सिर भी नहीं मिला। सीमावर्ती यूपी-एमपी के जनपदों से पुलिस ने गुमशुदा लोगों का ब्योरा जुटाया।
लगभग 20 से ज्यादा लोगों का ब्योरा इकट्ठा किया, लेकिन इनमें से किसी की कद-काठी शव से मेल नहीं हो पाई। परिजनों ने भी शिनाख्त से इनकार कर दिया। तब से लेकर आज तक पुलिस सिर्फ हवा में तीर चला रही है।

एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
जबरन जुर्म स्वीकारने का दबाव
नरैनी। करतल निवासी छुट्टन ने पुलिस को दिए शिकायतीपत्र में एक महिला पर आरोप लगाया कि वह बबलू मिश्रा की हत्या का जुर्म जबरन स्वीकार करने का दबाव बना रही है। महिला का कहना है कि जितना पैसा लगेगा लगाकर छुड़वा लूंगी। जुर्म स्वीकार न करने पर फंसाने की धमकी दी जा रही है।
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