{"_id":"62279d096d85d5609273d5cf","slug":"shortly-after-brother-s-death-sister-also-died-banda-news-knp684596813","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाई की मौत के कुछ देर बाद बहन ने भी तोड़ दिया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाई की मौत के कुछ देर बाद बहन ने भी तोड़ दिया दम
विज्ञापन
शिवराम। (फाइल फोटो)
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। ट्रेन की चपेट में आने से भाई की मौत के कुछ देर बाद बहन ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक-दूसरे की जान बचाने में दोनों मौत के मुंह समा गए। परिजनों ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय दोनों हादसे के शिकार हो गए। पति की मौत के बाद बहन को मायके ले जाने के लिए भाई आया था। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
सोमवार की देर शाम बांदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो में प्रयागराज से डा.आंबेडकर नगर एक्सप्रेस में चढ़ते समय ऋषि पुरम, भोपाल निवासी शिवराम मालवीय (55) पुत्र घनश्याम और उसकी बहन अत्रि नगर (अतर्रा) निवासी उमा (45) पत्नी जागेश्वर प्रसाद श्रीवास ट्रेन की चपेट में आ गए।
शिवराम की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल उमा को जीआरपी और आरपीएफ ने जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय पहले उमा गिरी थी। उसे बचाने में भाई शिवराम ट्रेन के नीचे आ गया था।
विज्ञापन
बताया कि उमा के पति का दो माह पूर्व निधन हो गया था। वह सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी था। परंपरा के तौर पर उमा को मायके ले जाने के लिए शिवराम यहां तीन दिन पूर्व आया था। मृतक शिवराम भोपाल में फर्नीचर का काम करता था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। दूसरी तरफ उमा के तीन पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। पति की मौत के बाद पेंशन संबंधी कागजात उमा के नाम तैयार हो रहे थे। लेकिन इसके पहले ही वह हादसे में जान गंवा बैठी।
विज्ञापन
सोमवार की देर शाम बांदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो में प्रयागराज से डा.आंबेडकर नगर एक्सप्रेस में चढ़ते समय ऋषि पुरम, भोपाल निवासी शिवराम मालवीय (55) पुत्र घनश्याम और उसकी बहन अत्रि नगर (अतर्रा) निवासी उमा (45) पत्नी जागेश्वर प्रसाद श्रीवास ट्रेन की चपेट में आ गए।
विज्ञापन
शिवराम की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल उमा को जीआरपी और आरपीएफ ने जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय पहले उमा गिरी थी। उसे बचाने में भाई शिवराम ट्रेन के नीचे आ गया था।
विज्ञापन
बताया कि उमा के पति का दो माह पूर्व निधन हो गया था। वह सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी था। परंपरा के तौर पर उमा को मायके ले जाने के लिए शिवराम यहां तीन दिन पूर्व आया था। मृतक शिवराम भोपाल में फर्नीचर का काम करता था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। दूसरी तरफ उमा के तीन पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। पति की मौत के बाद पेंशन संबंधी कागजात उमा के नाम तैयार हो रहे थे। लेकिन इसके पहले ही वह हादसे में जान गंवा बैठी।

उमा (फाइल फोटो)- फोटो : BANDA