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Banda News: कड़ाके की सर्दी, न्यूनतम पारा सात डिग्री
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बांदा। कड़ाके की सर्दी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे। सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हुए। ठंड से लोग बचाव करते दिखाई दिए। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नए साल की शुरुआत भी कड़ाके की ठंड से होगी। गुनगुनी धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है।
पहाड़ों की तरफ से आने वाली पछुआ हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी है। रविवार को न्यूनतम तापमान सात व अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं से लोग कंपकंपा गए। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि नए साल की शुरुआत भी कड़ाके की ठंड के साथ होगी। सर्द हवाओं से ठिठुरन बरकरार रहेंगी। हालांकि कुछ देर के लिए गुनगुनी धूप निकलने से राहत मिल सकती है। अभी 11 जनवरी तक मौसम का मिजाज यही रहेगा। बताया कि बदली और हल्की बूंदाबांदी होने की भी उम्मीद है।
कोहरे से फसलों पर पाला का संकट
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार कोहरे से देर से बोई गई गेहूं, सरसों, चना की फसल को पाला का खतरा बढ़ गया है। जो फसल सही समय पर बोई गई है उनमें पाले का खतरा कम है। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार ने किसानों को फसलों को पाले से बचाने के उपाय भी सुझाएं है।
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पहाड़ों की तरफ से आने वाली पछुआ हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी है। रविवार को न्यूनतम तापमान सात व अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं से लोग कंपकंपा गए। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि नए साल की शुरुआत भी कड़ाके की ठंड के साथ होगी। सर्द हवाओं से ठिठुरन बरकरार रहेंगी। हालांकि कुछ देर के लिए गुनगुनी धूप निकलने से राहत मिल सकती है। अभी 11 जनवरी तक मौसम का मिजाज यही रहेगा। बताया कि बदली और हल्की बूंदाबांदी होने की भी उम्मीद है।
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कोहरे से फसलों पर पाला का संकट
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार कोहरे से देर से बोई गई गेहूं, सरसों, चना की फसल को पाला का खतरा बढ़ गया है। जो फसल सही समय पर बोई गई है उनमें पाले का खतरा कम है। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार ने किसानों को फसलों को पाले से बचाने के उपाय भी सुझाएं है।
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