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Banda News: लंपी के लक्षणों वाले गोवंश का होगा रिंग वैक्सीनेशन
Fri, 18 Sep 2026 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:31 PM IST
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बांदा। गोवंश में फैल रहे लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित पशुओं का रिंग वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
आयुक्त अजीत कुमार ने मंडल के बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमण को स्थानीय स्तर पर नियंत्रित करने को कहा है।
आयुक्त ने पशुपालन विभाग समेत संबंधित विभागों को बचाव, उपचार और निगरानी में कोई लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। एलएसडी एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है। इसका संक्रमण मच्छर, मक्खी आदि वाहकों के माध्यम से अन्य गोवंश तक पहुंच सकता है। आयुक्त ने प्रभावित पशुओं की पहचान कर उनके आसपास सघन रिंग वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
इससे संक्रमण के फैलाव को स्थानीय स्तर पर रोका जा सकेगा। पशुपालन, ग्राम विकास और पंचायतीराज विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। जनप्रतिनिधियों और गोशाला संचालकों के साथ भी जन जागरूकता बैठकें कराने को कहा गया है। इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संक्रमण नियंत्रण है।
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जिलों में एलएसडी वैक्सीन की उपलब्धता और कोल्डचेन की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। कुल गोवंश, प्रभावित, उपचारित, उपचाराधीन और मृत पशुओं की सूचना अलग-अलग स्रोतों से ली जाएगी। आयुक्त ने जन जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसके लिए विकास खंड स्तरीय नोडल अधिकारियों को सक्रिय किया जाएगा। जनप्रतिनिधि और गोशाला संचालक भी इन प्रयासों में शामिल होंगे।
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आयुक्त अजीत कुमार ने मंडल के बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमण को स्थानीय स्तर पर नियंत्रित करने को कहा है।
आयुक्त ने पशुपालन विभाग समेत संबंधित विभागों को बचाव, उपचार और निगरानी में कोई लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। एलएसडी एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है। इसका संक्रमण मच्छर, मक्खी आदि वाहकों के माध्यम से अन्य गोवंश तक पहुंच सकता है। आयुक्त ने प्रभावित पशुओं की पहचान कर उनके आसपास सघन रिंग वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
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इससे संक्रमण के फैलाव को स्थानीय स्तर पर रोका जा सकेगा। पशुपालन, ग्राम विकास और पंचायतीराज विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। जनप्रतिनिधियों और गोशाला संचालकों के साथ भी जन जागरूकता बैठकें कराने को कहा गया है। इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संक्रमण नियंत्रण है।
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जिलों में एलएसडी वैक्सीन की उपलब्धता और कोल्डचेन की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। कुल गोवंश, प्रभावित, उपचारित, उपचाराधीन और मृत पशुओं की सूचना अलग-अलग स्रोतों से ली जाएगी। आयुक्त ने जन जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसके लिए विकास खंड स्तरीय नोडल अधिकारियों को सक्रिय किया जाएगा। जनप्रतिनिधि और गोशाला संचालक भी इन प्रयासों में शामिल होंगे।