{"_id":"64b2f3fe82d07ef5cb0be454","slug":"seven-years-in-jail-for-culpable-homicide-banda-news-c-212-1-bnd1001-500-2023-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: गैर इरादतन हत्या में सात वर्ष की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: गैर इरादतन हत्या में सात वर्ष की जेल
विज्ञापन
बांदा। गैर इरादतन हत्या में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मो. कमरूज्जमा खान की अदालत ने शनिवार को सात वर्ष की जेल और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। दोषी घटना के समय से ही मंडल कारागार में बंद है। जुर्माना की दो तिहाई धनराशि मृतक की मां को दी जाएगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी मृतक किशोर की मां कल्ली ने 4 सितंबर 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि घटना के दिन चार सितंबर को बड़े बेटे दया सागर पर पारिवारिक ससुर राम सुरेश ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। बेटे ने चोरी से इन्कार किया तो पकड़कर घर के पीछे ले जाकर लात, घूसों व डंडों से पीटने के बाद घसीटते हुए अधमरा कर दिया था। इसके बाद बेटे की मौत हो गई थी।
देवर अशोक ने शोर मचाया तो राम सुरेश भाग गया था। विवेचक ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने राम सुरेश को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी मृतक किशोर की मां कल्ली ने 4 सितंबर 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि घटना के दिन चार सितंबर को बड़े बेटे दया सागर पर पारिवारिक ससुर राम सुरेश ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। बेटे ने चोरी से इन्कार किया तो पकड़कर घर के पीछे ले जाकर लात, घूसों व डंडों से पीटने के बाद घसीटते हुए अधमरा कर दिया था। इसके बाद बेटे की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
देवर अशोक ने शोर मचाया तो राम सुरेश भाग गया था। विवेचक ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने राम सुरेश को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन