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खनिज का 2 करोड़ लेकर चुप्पी साध गए 7 विभाग

Fri, 29 Nov 2019 07:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 07:06 PM IST
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Seven departments went silent with two crores of minerals
एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन सिर्फ खदानों तक सीमित नहीं है। खनिज विभाग जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के बजट में भी अमानत में खयानत और मनमानी कर रहा है।
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ट्रस्ट के लिए जारी गाइड लाइन की अनदेखी करके इसका पैसा खनन प्रभावित क्षेत्रों के कल्याण में लगाने के बजाय दूसरे विभागों को बांटा जा रहा है। बांदा में दो करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रस्ट की रकम जनहित के कामों के नाम पर हथिया लेने वाले आधा दर्जन विभागों में अधिकांश ने इसका उपभोग प्रमाण पत्र भी खनिज विभाग को नहीं दिया है।
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खनिज फाउंडेशन की स्थापना शासन ने दो अप्रैल, 2017 को जारी शासनादेश से की थी। शासनादेश के मुताबिक खदानों के पट्टों की नीलामी से मिलने वाली रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट में जमा होता है।
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इस पैसे को खर्च करने के लिए शासन ने गाइड लाइन भी जारी की है। बांदा जनपद में जिला खनिज फाउंडेशन में अगस्त 2017 से इस अगस्त 2019 तक (दो वर्ष) में 12 करोड़ 45 लाख 65 हजार 653 रुपये जमा हो चुके हैं।
ट्रस्ट के इस पैसे में जिला खनिज विभाग ने आधा दर्जन विभागों/ संस्थाओं को दो करोड़ एक लाख 29 हजार 545 रुपये बांट दिए हैं। इन विभागों में जल संस्थान, जिला पंचायत राज अधिकारी, विज्ञान क्लब, जवाहर नवोदय विद्यालय, दिव्यांग सशक्तीकरण और समाज कल्याण विभाग शामिल हैं।
उक्त विभागों में से अधिकांश ने खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट का पैसा लेकर चुप्पी साध ली है। खनिज विभाग को धनराशि के उपभोग का प्रमाण पत्र नहीं दिया है। इन विभागों में जिला पंचायत राज अधिकारी, जवाहर नवोदय विद्यालय, जल संस्थान अधिशासी अभियंता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और समाज कल्याण विभाग शामिल हैं।
जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के पैसे का उपयोग करने को जारी गाइड लाइन के तहत यह पैसा ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय नियोजन में लगना चाहिए। ताकि प्रभावित लोगों के कल्याण और लाभ को बढ़ावा मिले। खनन संबंधित संचालन से प्रभावित लोगों के हित और लाभ के लिए इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

खनिज अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि कई विभागों ने ट्रस्ट के पैसे का उपभोग प्रमाण-पत्र नहीं दिया हैं। उन्हाेंने संबंधित काम शुरू नहीं किया है। कुछ विभागों ने उपभोग प्रमाण पत्र दे दिए हैं। खनिज अधिकारी ने कहा कि फाउंडेशन का पैसा उन्हें क्षेत्रों में लगाया जाएगा जहां से खनिज के वाहन निकलते हैं । वहां सड़क , शिक्षा आदि में लगाने का प्राविधान है। अन्य मदों में नहीं लगाया जा सकता।
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