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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:50 PM IST
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दहेज हत्या के आरोपी पति
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को अदालत ने 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। बबेरू कोतवाली क्षेत्र
के सिमौनी गांव निवासी बद्री विशाल उर्फ मुन्ना मिश्रा ने 7 अक्तूबर 2004
को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया उसने बेटी रेखा की शादी 11 मई 1999
को तिंदवारी क्षेत्र के परसौड़ा गांव निवासी विजेता उर्फ विजय कुमार
द्विवेदी से की थी।
ससुराल में एक लाख रुपये व स्कूटर की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता रहा। 30 सितंबर 2004 को जहर खिलाकर रेखा को मार दिया। उसने पति विजेता, पिता चंद्रपाल द्विवेदी, मां श्यामबाई, भाई मुंशी उर्फ करिया, मुखिया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) ने पति विजेता उर्फ विजय कुमार को धारा 304 बी में 10 साल की कैद, धारा 498 ए में एक वर्ष की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की कैद और होगी। दहेज अधिनियम में 3 वर्ष की कैद और 3 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह और जेल में रहना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी देवर मुखिया को बरी कर दिया गया। दो आरोपियों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है।
ससुराल में एक लाख रुपये व स्कूटर की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता रहा। 30 सितंबर 2004 को जहर खिलाकर रेखा को मार दिया। उसने पति विजेता, पिता चंद्रपाल द्विवेदी, मां श्यामबाई, भाई मुंशी उर्फ करिया, मुखिया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) ने पति विजेता उर्फ विजय कुमार को धारा 304 बी में 10 साल की कैद, धारा 498 ए में एक वर्ष की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की कैद और होगी। दहेज अधिनियम में 3 वर्ष की कैद और 3 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह और जेल में रहना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी देवर मुखिया को बरी कर दिया गया। दो आरोपियों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है।