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पलायन रोकने को खोले जाएं सीजनल हॉस्टल
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:58 PM IST
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पलायन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने की मंशा से सामाजिक संगठनों व मजदूरों ने सीजनल हॉस्टल की मांग की है। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा है कि भुजरख और भिड़ौरा गांव में सीजनल हॉस्टल चालू होने पर मजदूरों के बच्चे पढ़ाई से वंचित नहीं हो सके। इसी तर्ज पर जिले के अन्य गांवों में भी यह हॉस्टल खोले जाएं।
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लोकमित्र संस्था के पदाधिकारियों ने मजदूरों के बच्चों के साथ कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि जिले के सभी गांवों से बड़ी संख्या में मजदूर 8-9 माह के लिए परदेस कमाने चले जाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाती है। भुजरख व भिड़ौरा गांव में 130 बच्चे हैं, जो माता-पिता के साथ परदेस चले जाते हैं। बुंदेलखंड के अधिकांश गांवों की यही स्थिति है। पिछले वर्ष भुजरख और इस वर्ष भिड़ौरा गांव में लोकमित्र संस्था ने सीजनल हॉस्टल खोला। इससे लगभग 50 बच्चों पर पलायन का असर नहीं पड़ा। इन बच्चों ने नियमित शिक्षा हासिल की। इसी तरह यह व्यवस्था जिले के सभी गांवों में भी लागू होनी चाहिए।
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ज्ञापन देने के बाद जहीर क्लब मैदान में विचार गोष्ठी की। इसमें पलायन वाले बच्चों की शिक्षा हक को कैसे सुनिश्चित कराया जाए? आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मिलकर सीजनल हॉस्टल की मांग करेंगे। इस अवसर पर लोकमित्र संस्था के अमृतलाल, हनुमान प्रसाद, संगीता, मनोज कुमार समेत देवनंदन, शिवऔतार, रामभवन, सुमेरा वर्मा, राजबहादुर, लक्ष्मी देवी, जगनंदन, राजाभइया, रामबाबू, रमेश कुमार, रमनबाबू आदि शामिल रहे।
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