{"_id":"5daf49758ebc3e01307738ce","slug":"school-banda-news-knp521434720","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ जिले के 50 हजार स्कूली बच्चों का खुले में शौच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ जिले के 50 हजार स्कूली बच्चों का खुले में शौच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। ओडीएफ घोषित जनपद में 426 परिषदीय विद्यालयों के शौचालय ध्वस्त पड़े हैं। नतीजे में यहां के लगभग 50 हजार बच्चे खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। सर्वे में यह खुलासा होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी गेंद जिला पंचायतराज विभाग के पाले में डाल दी है। दलील दी है कि शौचालयों की मरम्मत का दायित्व ग्राम पंचायत का है।
शासन के निर्देश पर हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग में संबद्ध सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मोहम्मद आमिर व संबंधित एबीएसए द्वारा किए गए सर्वे में जिले में 1600 प्राथमिक विद्यालयों में 307 और 600 जूनियर विद्यालयों में 119 में शौचालय ध्वस्त पड़े हैं। यह एक से दो दशक पूर्व बनाए गए थे। मरम्मत और देखरेख न होने पर ध्वस्त हो गए। खास बात यह है कि इन शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी का ठींकरा बेसिक शिक्षा और पंचायतीराज विभाग एक-दूसरे पर फोड़ रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ का कहना है कि यह दायित्व ग्राम पंचायत का है। दूसरी तरफ जिला पंचायत राज अधिकारी संजय यादव का कहना है कि स्कूलों के शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। बीएसए ने बताया कि ध्वस्त शौचालयों की सूची पंचायतीराज विभाग को भेज दी गई है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग में संबद्ध सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मोहम्मद आमिर व संबंधित एबीएसए द्वारा किए गए सर्वे में जिले में 1600 प्राथमिक विद्यालयों में 307 और 600 जूनियर विद्यालयों में 119 में शौचालय ध्वस्त पड़े हैं। यह एक से दो दशक पूर्व बनाए गए थे। मरम्मत और देखरेख न होने पर ध्वस्त हो गए। खास बात यह है कि इन शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी का ठींकरा बेसिक शिक्षा और पंचायतीराज विभाग एक-दूसरे पर फोड़ रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ का कहना है कि यह दायित्व ग्राम पंचायत का है। दूसरी तरफ जिला पंचायत राज अधिकारी संजय यादव का कहना है कि स्कूलों के शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। बीएसए ने बताया कि ध्वस्त शौचालयों की सूची पंचायतीराज विभाग को भेज दी गई है।
विज्ञापन