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मेडिकल कालेज संविदा कर्मियों की आयुक्त से गुहार, पांच माह से वेतन नहीं, तीन माह के वेतन में कटौती
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बांदा में राजकीय मेडिकल कालेज में आउटसोर्सिंग (संविदा) पर कार्यरत सवा सैकड़ा से ज्यादा महिला-पुरुष कर्मी पांच माह से वेतन न मिलने और तीन माह के भुगतान हो चुके वेतन में कटौती के विरोध में लगातार उच्चाधिकारियों की डयोढ़ी पर दस्तक दे रहे हैं। सोमवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर अपनी फरियाद सुनाई। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य और सेवा प्रदाता कंपनी पर मनमानी के आरोप लगाए। मंडलायुक्त ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
यहां स्थित राजकीय मेडिकल कालेज में लगभग 125 संविदा कर्मचारी हैं। ये कई वर्षो से कार्यरत हैं। ये कर्मी मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर सहित बांदा, कानपुर, इटावा, आजमगढ़ फर्रुखाबाद, प्रयागराज, झांसी, फतेहपुर और मध्य प्रदेश के दतिया आदि जनपदों के हैं। मंडलायुक्त को दिए ज्ञापन में कहा सेवा प्रदाता कंपनी बहुत कम वेतन दे रही है। साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता।
वेतन समय से नहीं दिया जाता। पिछले पांच माह के बकाया वेतन में प्रधानाचार्य ने तीन माह का वेतन भुगतान कराया है। इसमें 8 हजार से 10 हजार रुपये तक की कटौती कर दी गई है। सभी संविदा कर्मचारियों का लगभग 30 लाख रुपये कम भुगतान हुआ है। नए वेतन के अनुसार भी भुगतान नहीं किया जा रहा। संविदा कर्मियों ने यह भी कहा कि तीन माह के दिए जा चुके वेतन में अब उनसे रिकवरी कराई जा रही है।
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संविदा कर्मियों ने कहा कि अपनी यह फरियाद वह लगातार उठा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और संबधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया लेकिन उन्हें कोई न्याय नहीं मिल रहा। संविदा कर्मियों ने बताया कि मंडलायुक्त गौरव दयाल ने इस मामले में मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य को कार्रवाई के निर्देश दिए है। ज्ञापन देने वाली संविदा कर्मियों में रामजी, अभय सिंह, राजेंद्र, खुर्शीद अहमद, पंकज मिश्रा, रमेश कुमार, अनीता सिंह, दिव्या पटेल, मुस्कान, रिंकी, विमला, कंचन राजपूत, हिना, गायत्री साहू, सुषमा साहू, गीता, शारदा यादव आदि शामिल रहे।
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यहां स्थित राजकीय मेडिकल कालेज में लगभग 125 संविदा कर्मचारी हैं। ये कई वर्षो से कार्यरत हैं। ये कर्मी मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर सहित बांदा, कानपुर, इटावा, आजमगढ़ फर्रुखाबाद, प्रयागराज, झांसी, फतेहपुर और मध्य प्रदेश के दतिया आदि जनपदों के हैं। मंडलायुक्त को दिए ज्ञापन में कहा सेवा प्रदाता कंपनी बहुत कम वेतन दे रही है। साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता।
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वेतन समय से नहीं दिया जाता। पिछले पांच माह के बकाया वेतन में प्रधानाचार्य ने तीन माह का वेतन भुगतान कराया है। इसमें 8 हजार से 10 हजार रुपये तक की कटौती कर दी गई है। सभी संविदा कर्मचारियों का लगभग 30 लाख रुपये कम भुगतान हुआ है। नए वेतन के अनुसार भी भुगतान नहीं किया जा रहा। संविदा कर्मियों ने यह भी कहा कि तीन माह के दिए जा चुके वेतन में अब उनसे रिकवरी कराई जा रही है।
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संविदा कर्मियों ने कहा कि अपनी यह फरियाद वह लगातार उठा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और संबधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया लेकिन उन्हें कोई न्याय नहीं मिल रहा। संविदा कर्मियों ने बताया कि मंडलायुक्त गौरव दयाल ने इस मामले में मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य को कार्रवाई के निर्देश दिए है। ज्ञापन देने वाली संविदा कर्मियों में रामजी, अभय सिंह, राजेंद्र, खुर्शीद अहमद, पंकज मिश्रा, रमेश कुमार, अनीता सिंह, दिव्या पटेल, मुस्कान, रिंकी, विमला, कंचन राजपूत, हिना, गायत्री साहू, सुषमा साहू, गीता, शारदा यादव आदि शामिल रहे।