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मक्का में महफूज मंडल के हज यात्री

Thu, 24 Sep 2015 11:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 24 Sep 2015 11:07 PM IST
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Safe system pilgrims in Mecca
मक्का के मिना में हज के आखिरी दिन भीड़ बेकाबू होने से हुए हादसे में चित्रकूटधाम मंडल के सभी 172 हज यात्री महफूज हैं। हालांकि दोपहर को आई इस खबर से हज पर गए लोगों के परिवारों में कुछ देर के लिए बकरीद की खुशियां और तैयारियां थम गईं।
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पूरा परिवार काम धाम छोड़कर टीवी के सामने जम गया। फोन के जरिये भी अपनों की खैर खबर ली जाने लगी। जब यह पता लग गया कि मक्का में सब महफूज हैं तो हज यात्रियों के परिवारों ने खुदा का शुक्र अदा किया।
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जिलहिज माह की 9वीं तारीख को मक्का शहर के मिना में स्थित जमरात कहे जाने वाले मुकाम पर प्रतीकात्मक शैतान को कंकरी मारने का अरकान अदा किया जाता है। बृहस्पतिवार को यही अरकान अदा किया जा रहा था। इसी दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और कई सौ हज यात्रियों की सांसें थम गईं।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों से इस बार 172 लोग हज पर गए हैं। इनमें 50 महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 80 हज यात्री बांदा जनपद के हैं। चित्रकूट के 9, महोबा के 29 और हमीरपुर के 54 हज यात्री इस वक्त मक्का में हैं। इनके घरों मेें ईदुल अजहा (बकरीद) की तैयारियां चल रही थीं।

इसी बीच बृहस्पतिवार को दोपहर टीवी और सोशल मीडिया मेें खबर आई कि मक्का के मिना में भीड़ बेकाबू हो गई और तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। खबर आते ही हज यात्रियों के घरों में अफरा-तफरी मच गई। बकरीद की खुशियां और तैयारियां जहां की तहां थम गईं।

कुछ लोगों ने मक्का स्थित अपने हज यात्रियों से फोन पर संपर्क किया। अधिकांश का फोन नहीं लगा। इस पर घर के लोग टीवी के सामने बैठ गए और खबरें देखने लगे। हरेक को यही फ्रिक थी कि हमारे घर और शहर के कोई लोग तो हादसे का शिकार नहीं हुए।

जिला हज ट्रेनर हाजी गुलाम मुस्तफा ने बताया कि उनके फोन की लगातार घंटियां बजती रहीं। हाजियों के परिवार उनसे खैर खबर लेते रहे।

हज के लिए गए कोतवाली रोड निवासी अतीकुर्रहमान, छावनी निवासी डॉ. मकसूद और जाहिद अली तथा कर्वी (चित्रकूट) निवासी सैय्यद अख्तर अली ने फोन पर बताया कि वे और चित्रकूटधाम मंडल के सभी हज यात्री महफूज हैं। यह खबर मिलने के बाद हज यात्रियों के परिवारों ने राहत की सांस ली और शुक्राने की नमाज अदा की।

चित्रकूटधाम मंडल के हज यात्रियों को मिना में हुए हादसे से बचाने में उनके ‘मसलक’ (इमाम का अनुसरण) ने खास भूमिका अदा की। हज यात्रियोें ने फोन पर बताया कि दरअसल यूपी और चित्रकूटधाम मंडल के हज यात्री ज्यादातर हनफी मसलक के हैं। ये इमाम अबू हनीफा के अनुयायी हैं।

हनफी मसलक में मिना (जमरात) में शैतान का कंकरी मारने का अरकान जवाल (दोपहर 12 बजे के पहले) समय में अदा किया जाता है। इस कारण यह सारे हज यात्री 12 बजे से पहले ही कंकर मारने का अरकान अदा कर आए। हादसा दोपहर को हुआ। तब यहां के हज यात्री मिना में अपने होटल या तंबुओं मेें लौट आए थे।

विधान परिषद मेें नेता विरोधी दल और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनकी पत्नी विधान परिषद सदस्य हुस्ना सिद्दीकी भी परिवार सहित हज पर गए हैं। ये लोग मिना (मक्का) में मौजूद हैं।


हादसे की खबर पर यहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी भी खैर खबर ली। उनसे फोन पर संपर्क किया। नसीमुद्दीन ने फोन पर बताया कि हादसे के पहले ही वे कंकरी मारने का अरकान अदा कर होटल लौट आए। वे सब सकुशल हैं।
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