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आर्थिक तंगी से हताश राजस्व कर्मी ने तहसील परिसर में किया आत्मदाह

Mon, 09 Dec 2019 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Mon, 09 Dec 2019 12:00 AM IST
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Revenue personnel committed suicide in Tehsil campus
आत्मदाह - फोटो : अमर उजाला
बर्खास्तगी और वेतन न मिलने से परेशान राजस्व विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी संग्रह अनुसेवक ने तहसील कार्यालय परिसर में ही खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। जिला अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि उसे 1993 में बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर उसकी दो बार बहाली हुई थी।
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कस्बे के देविन नगर के रहने वाले चुन्नूलाल कुशवाहा (59) पुत्र सुदामा नरैनी तहसील में संग्रह अनुसेवक पद पर तैनात थे। रविवार को दिन में करीब 11 बजे तहसील परिसर में अपने (संग्रह) कार्यालय के सामने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।
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उसे जलता देख तहसील में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड ने शोर मचाकर लोगों को बुलाकर आग बुझाई। यूपी-112 भी बुला ली गई। तत्काल उसे सीएचसी लाया गया। यहां से चिकित्साधीक्षक डॉ. बीएस राजपूत ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉ. राजपूत के मुताबिक चुन्नूलाल 90 फीसदी से ज्यादा झुलस गए थे। जिला अस्पताल लाते ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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पुत्र सुरेश कुमार ने बताया कि चुन्नूलाल लगभग 33 साल से तहसील में कार्यरत था। पुत्र के मुताबिक कई महीने से वेतन न मिलने से परेशान होकर आत्मदाह किया। उधर, नायब तहसीलदार आरके शुक्ला ने बताया कि चयन समिति के समक्ष उपस्थित न होने पर वर्ष 1993 में चुन्नूलाल को बर्खास्त कर दिया गया था। तीन अन्य अनुसेवक भी बर्खास्त हुए थे।

चुन्नूलाल ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर अपनी बर्खास्तगी के विरुद्ध स्थगन आदेश ले लिया। 18 अप्रैल 2019 को याचिका खारिज होने पर स्टे खत्म हो गया। इस पर चुन्नूलाल का वेतन रोककर दोबारा बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। इस पर चुन्नूलाल ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की। इस पर इसी वर्ष अगस्त माह में फिर बहाल कर दिया गया।

बताते हैं कि इस बहाली के बाद चुन्नूलाल को वेतन नहीं मिला था। उधर, मृतक के पुत्र राजेश कुशवाहा का कहना है कि दोबारा बर्खास्तगी के बाद अब तक 13 माह का वेतन नहीं मिला था। इससे उसके पिता परेशान थे।

समधी ने पुलिस को दी दहेज उत्पीड़न की तहरीर
तहसील के चतुर्थ श्रेणी कर्मी चुन्नूलाल कुशवाहा के आत्मदाह के समय ही उसके समधी (पुत्रवधू के पिता) बिसंडा थाना क्षेत्र के अधरोरी गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने नरैनी कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी बेटी प्रतिमा की शादी चुन्नूलाल कुशवाहा के पुत्र सुरेश कुमार उर्फ राजू के साथ 29 अप्रैल 2017 को की थी।

हैसियत के मुताबिक दान उपहार दिए थे। कहा कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले और दहेज की मांग लेकर उसकी बेटी से लगातार मारपीट करते रहे। बताया कि रविवार (8 दिसंबर) को सुबह ससुराल में प्रतिमा को ससुराल वालों ने मारापीटा और घर से निकालने की धमकी दी।


प्रतिमा ने यह जानकारी उसे (पिता राजेंद्र को) फोन पर दी। राजेंद्र ने तहरीर में बेटी के पति, ससुर, सास, जेठ व जेठानी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस तहरीर पर जांच की जा रही है।
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