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किसानों की प्रतीकात्मक अर्थी रखकर जताया विरोध

Sun, 07 Jan 2018 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा Updated Sun, 07 Jan 2018 11:11 PM IST
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Resistance with the symbolic meaning of the farmers
किसानों की प्रतीकात्मक अर्थी रख कर अनशन करते आंदोलनकारी। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। अवैध खनन के विरुद्ध यहां चल रहे मंडल स्तरीय अनशन के दूसरे दिन रविवार को आंदोलनकारियों ने विरोध का नया तरीका अपनाया। अवैध खनन से बर्बाद हो रहे किसानों की प्रतीकात्मक अर्थी का प्रदर्शन किया। उधर, डीएम के निर्देश पर पैलानी एसडीएम, खनिज अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और तहसीलदार आदि ने आंदोलन में शामिल 10 किसानों को साथ लेकर खदानों का निरीक्षण किया। मंडल मुख्यालय के स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में पूरे मंडल में चल रहे अवैध खनन के विरोध में पांच दिन धरना चला। शनिवार से यह अनशन में बदल गया। रविवार को धरनास्थल पर अनशनकारियों ने बदहाल किसानों की प्रतीकात्मक अर्थी रखकर विरोध जताया। हमीरपुर के अधिवक्ता और हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी, किसान यूनियन के आशीष सागर सहित जयराम मिश्र, दर्शनलाल मिश्र, भूरा, देव कुमार, हरीशंकर मिश्र, पुत्ती तिवारी, गरुणध्वज सिंह और ऊषा निषाद आदि शामिल रहे। आंदोलनकारियों की मांग है कि अवैध खनन की जांच और रोकथाम के साथ ही तहबाजारी का बैरियर जिले में सिर्फ एक होना चाहिए। कई-कई बैरियर लगाकर अवैध उगाही की जा रही है। ऊषा निषाद ने बुधवार से जेएन कालेज मामले में अनशन की चेतावनी दी है।

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