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आरक्षण के विरोध में उतरे गोयरा मुगली के लोग
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बांदा। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के ग्राम पंचायत गोयरा मुगली की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने पर ग्रामीण नियमों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। सीएम को भेजी शिकायत में कहा कि सामान्य वर्ग को दरकिनार कर मात्र 7 फीसदी एससी के लिए सीट आरक्षित कर दी गई। इससे ग्रामीणों में रोष है।
शुक्रवार को लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने आरक्षण के विरोध में मंडलायुक्त को शिकायतीपत्र सौंपा। इसमें कहा कि ग्राम पंचायत में मात्र 7 फीसदी अनुसूचित जाति आबादी है। इनमें भी करीब 3 फीसदी लोग अन्य शहरों में आबाद हैं। 93 फीसदी सामान्य वर्ग की आबादी है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर ग्राम पंचायत सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। निर्वाचन अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से आपत्ति की गई। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में हुई सुनवाई पर आपत्ति खारिज कर दी गई। मजबूरन कोर्ट की शरण में जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से प्रधान पद का आरक्षण बदलने और सामान्य वर्ग सीट करने का अनुरोध किया है। सीएम और निर्वाचन आयोग को भी शिकायतीपत्र भेजा है। शिकायत करने वालों में समीर, पीरू, सगीर, अजीज, वकील, सलामत, तोहीद खां, मुबीना, सरदार, रेशमा, अनवर अहमद, रमजान, शकील, जीशान आदि शामिल रहे। (संवाद)
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शुक्रवार को लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने आरक्षण के विरोध में मंडलायुक्त को शिकायतीपत्र सौंपा। इसमें कहा कि ग्राम पंचायत में मात्र 7 फीसदी अनुसूचित जाति आबादी है। इनमें भी करीब 3 फीसदी लोग अन्य शहरों में आबाद हैं। 93 फीसदी सामान्य वर्ग की आबादी है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर ग्राम पंचायत सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। निर्वाचन अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से आपत्ति की गई। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में हुई सुनवाई पर आपत्ति खारिज कर दी गई। मजबूरन कोर्ट की शरण में जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से प्रधान पद का आरक्षण बदलने और सामान्य वर्ग सीट करने का अनुरोध किया है। सीएम और निर्वाचन आयोग को भी शिकायतीपत्र भेजा है। शिकायत करने वालों में समीर, पीरू, सगीर, अजीज, वकील, सलामत, तोहीद खां, मुबीना, सरदार, रेशमा, अनवर अहमद, रमजान, शकील, जीशान आदि शामिल रहे। (संवाद)
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