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ओवर लोडिंग में ध्वस्त सड़कें बनाएगा आरईएस
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तिंदवारी। बालू से ओवर लोड ट्रकों से ध्वस्त हो रहीं सड़कों की मरम्मत अब पीडब्ल्यूडी नहीं करेगी। यह काम पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को दिया गया है।
संपर्क मार्गों के मरम्मतीकरण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी सीडी-2 के पास था। अब शासन ने इसे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंप दिया है। पिपरहरी-अमलोर संपर्क मार्ग, माटा-भुजरख, बेंदा-खगइयाताला व बेंदा-जौहरपुर संपर्क मार्ग ओवरलोडिंग से ध्वस्त हो रहे हैं। यहां से कई खदानों से बालू लेकर आने वाले ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं। नतीजे में यह एक वर्ष में ही ध्वस्त हो गए। चारों संपर्क मार्गों का निर्माण वर्ष 2020 में हुआ था।
पीडब्ल्यूडी सीडी-2 अधिशासी अभियंता रामआसरे दोहरे ने कहा कि खदान संपर्क मार्गों के निर्माण का जिम्मा अब पीएमजीएसवाई के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दिया गया है। उन्होंने एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) ले ली है। जल्द ही इन मार्गों पर निर्माण शुरू होगा।
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संपर्क मार्गों के मरम्मतीकरण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी सीडी-2 के पास था। अब शासन ने इसे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंप दिया है। पिपरहरी-अमलोर संपर्क मार्ग, माटा-भुजरख, बेंदा-खगइयाताला व बेंदा-जौहरपुर संपर्क मार्ग ओवरलोडिंग से ध्वस्त हो रहे हैं। यहां से कई खदानों से बालू लेकर आने वाले ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं। नतीजे में यह एक वर्ष में ही ध्वस्त हो गए। चारों संपर्क मार्गों का निर्माण वर्ष 2020 में हुआ था।
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पीडब्ल्यूडी सीडी-2 अधिशासी अभियंता रामआसरे दोहरे ने कहा कि खदान संपर्क मार्गों के निर्माण का जिम्मा अब पीएमजीएसवाई के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दिया गया है। उन्होंने एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) ले ली है। जल्द ही इन मार्गों पर निर्माण शुरू होगा।
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