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रपटा जलमग्न, यूपी और एमपी का संपर्क टूटा
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अतर्रा। रपटा जलमग्न होने से यूपी-एमपी का संपर्क मार्ग टूट गया। सुरक्षित रपटे को पार कराने के नाम पर आसपास के लोगों द्वारा जमकर अवैध कमाई की जा रही है।
रसिन बांध में क्षमता से अधिक पानी उफनाने के बाद फतेहगंज क्षेत्र के भगवतपुर-कोलौंहा के पास बने रपटे में पानी ऊपर तक भरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर रपटा पार करना पड़ रहा है।
समाजसेवी पीएम त्रिपाठी, राधेश्याम, विवेक, जगदीश यादव, अभिलाष, मुन्ना मिश्रा ने बताया कि भगवतपुर कोलौहा के पास स्थित रपटा पूरी तरह से पानी में डूबने से फतेहगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खोही, डढ़वा मानपुर, कल्याणपुर, महुई, छतैनी, सिंधौरा, रक्सी, सड़ा, नरदहा, कालिंजर, बघेलाबारी आदि गांव से संपर्क मार्ग टूट गया।
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इससे मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही। फतेहगंज व कालिंजर क्षेत्र से एमपी के पन्ना, छतरपुर व चित्रकूट की तरफ से आने वाले यात्रियों को भी जान जोखिम में डालकर रपटा पार करना पड़ रहा है।
रपटा पार कराने के लिए गांव के कुछ लोग ट्रैक्टर लगाए हुए हैं, जो 50 से 100 रुपये में लोगों को रपटा पार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने इसके स्थायी समाधान के लिए शासन-प्रशासन से मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जल निकासी न होने से टापू बनी गोशाला
अतर्रा। विकास खंड बिसंडा के ग्राम पंचायत सिकलोढ़ी में अस्थायी गोशाला में बरसात के पानी की निकासी न होने से जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। गोशाला में घुटनों से पानी भरा हुआ है। ऐसे में गौशाला में बंद मवेशियों को अन्ना छोड़ दिया गया है।
अब यह मवेशी किसानों के लिए आफत बने हुए है। झुंड में विचरण कर रहे मवेशी रात के समय जिस खेत में घुस जाते हैं और फसल को रौंद देते हैं। ग्रामीण शिवमूरज, बृजेंद्र, बालेंद्र तिवारी, उमाकांत, बब्बू आदि ने बताया कि गोशाला में पशुओं को कोई पुरसाहाल नहीं है।
बरसात का पानी भर जाने से गौशाला में बंद मवेशियों को अन्ना छोड़ दिया गया है। इससे किसानों की मुसीबत अधिक बढ़ गई है। पहले तो वह इक्का दुक्का अन्ना मवेशियों से परेशान थे, अब तक झुंड में मौजूद मवेशी जिस खेत में घुसते हैं उसको नष्ट कर देते हैं।
किसानों की धान की बेड़ तक नहीं बच रही है। उधर, दिन के समय मवेशी सड़कों पर डेरा जमा लेते है। इससे सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान सहित सचिव से छुट्टा घूम रहे अन्ना मवेशियों का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रधान व सचिव कागजों में गोशाला का संचालन दिखाकर लाखों रुपये ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
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रसिन बांध में क्षमता से अधिक पानी उफनाने के बाद फतेहगंज क्षेत्र के भगवतपुर-कोलौंहा के पास बने रपटे में पानी ऊपर तक भरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर रपटा पार करना पड़ रहा है।
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समाजसेवी पीएम त्रिपाठी, राधेश्याम, विवेक, जगदीश यादव, अभिलाष, मुन्ना मिश्रा ने बताया कि भगवतपुर कोलौहा के पास स्थित रपटा पूरी तरह से पानी में डूबने से फतेहगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खोही, डढ़वा मानपुर, कल्याणपुर, महुई, छतैनी, सिंधौरा, रक्सी, सड़ा, नरदहा, कालिंजर, बघेलाबारी आदि गांव से संपर्क मार्ग टूट गया।
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इससे मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही। फतेहगंज व कालिंजर क्षेत्र से एमपी के पन्ना, छतरपुर व चित्रकूट की तरफ से आने वाले यात्रियों को भी जान जोखिम में डालकर रपटा पार करना पड़ रहा है।
रपटा पार कराने के लिए गांव के कुछ लोग ट्रैक्टर लगाए हुए हैं, जो 50 से 100 रुपये में लोगों को रपटा पार करा रहे हैं। ग्रामीणों ने इसके स्थायी समाधान के लिए शासन-प्रशासन से मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जल निकासी न होने से टापू बनी गोशाला
अतर्रा। विकास खंड बिसंडा के ग्राम पंचायत सिकलोढ़ी में अस्थायी गोशाला में बरसात के पानी की निकासी न होने से जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। गोशाला में घुटनों से पानी भरा हुआ है। ऐसे में गौशाला में बंद मवेशियों को अन्ना छोड़ दिया गया है।
अब यह मवेशी किसानों के लिए आफत बने हुए है। झुंड में विचरण कर रहे मवेशी रात के समय जिस खेत में घुस जाते हैं और फसल को रौंद देते हैं। ग्रामीण शिवमूरज, बृजेंद्र, बालेंद्र तिवारी, उमाकांत, बब्बू आदि ने बताया कि गोशाला में पशुओं को कोई पुरसाहाल नहीं है।
बरसात का पानी भर जाने से गौशाला में बंद मवेशियों को अन्ना छोड़ दिया गया है। इससे किसानों की मुसीबत अधिक बढ़ गई है। पहले तो वह इक्का दुक्का अन्ना मवेशियों से परेशान थे, अब तक झुंड में मौजूद मवेशी जिस खेत में घुसते हैं उसको नष्ट कर देते हैं।
किसानों की धान की बेड़ तक नहीं बच रही है। उधर, दिन के समय मवेशी सड़कों पर डेरा जमा लेते है। इससे सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान सहित सचिव से छुट्टा घूम रहे अन्ना मवेशियों का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रधान व सचिव कागजों में गोशाला का संचालन दिखाकर लाखों रुपये ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।