फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Remembered in Mushaira Sohdaa Karbala

मुशायरे में याद किए गए शोहदाए कर्बला

Mon, 26 Oct 2015 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Mon, 26 Oct 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन
Remembered in Mushaira Sohdaa Karbala

बांदा। मोहर्रम माह में सजी मुशायरे की महफिल में

विज्ञापन
शोहदाए कर्बला को शायरों ने अपने कलामों से खिराजे अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की। मनकबती मुशायरे का आयोजन बज्मे इकरारिया, बज्मे बहारिया और अंजुमने तालिबे अदब ने मिलजुलकर किया था।

रविवार की रात मर्दन नाका में आयोजित मुशायरे में महोबा से आए शायर कामिल ने सदारत की। उन्होंने शेर पढ़ा-हुसैन जाते हैं सहराए कर्बला की तरफ, कदम-कदम पर बरसती खुदा की रहमत हैं। मास्टर नवाब असर ने यूं खिराज पेश की-झुकाया न सर को बातिल के रूबरू जिसने, उसी हुसैन से जिंदा नबी की सुन्नत है।

इलाहाबाद से आए शायर जीशान ने शेर सुनाया-फुरात उनके लबों तक कहां रसाई तेरी, जिनकी कौसरों तसनीम पर हुकूमत है। डा. मंसूर राज ने कहा-नजीर जिसकी न मिल पाएगी कयामत तक, मेरे हुसैन की बेमिसाल ऐसी सीरत है। सईद वारसी ने पढ़ा-यजीद मिट गया नामोनिशान तक तेरा, मेरे हुसैन की दोनों जहां में शोहरत है।

मुशायरे के मेजबान हकीम बशीर तालिब ने शेर सुनाया-हुसैन नाम है सच्चाई का इबादत का, इसी लिए हमें इस्लाम से मोहब्बत है। मुशायरे में निश्तर बांदवी, दर्द बांदवी, अनवर हमीरपुरी, शरीफ बांदवी ने भी शेर पढ़े। अगले मुशायरे के लिए मिसरा दिया गया-अश्क आंखों में निदामत का अगर आ जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed