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मंडल के 1038 किसानों के निरस्त होंगे राशनकार्ड
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख रुपये से ज्यादा कीमत का गेहूं बेचने वाले किसान अब सरकारी राशन नहीं ले सकेंगे। मंडल में ऐसे 1038 किसान चिह्नित किए गए हैं, जिनके राशन कार्ड निरस्त होंगे।
सरकार का मानना है कि जो किसान दो लाख रुपये से अधिक का धान/गेहूं बेच सकते हैं, उन्हें सरकारी राशन की जरूरत नहीं है। जिला पूर्ति विभाग ने खाद्य विभाग से मिली किसानों की सूची के आधार पर सत्यापन शुरू कर दिया है।
अपात्र पाए जाने पर राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। इनके स्थान पर नए लोगों के नाम राशनकार्ड बनाए जाएंगे। प्रदेश के कई जनपदों के सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों के राशनकार्ड बने होने व राशन लेने की शिकायत के बाद शासन ने सत्यापन के आदेश दिए हैं।
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जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा कि दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों का सत्यापन के बाद राशनकार्ड निरस्त किए जाएं। बताया कि जो किसान दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेच सकता है तो उसे सरकारी राशन की आवश्यकता नहीं है।
उनके स्थान पर जरूरतमंदों के राशनकार्ड बनाकर लाभ पहुंचाएं। शासन के आदेश के बाद जिला स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। खाद्य विभाग ने जिला पूर्ति विभाग को भेजी सूची में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में 1038 किसानों का जिक्र किया है।
इन्होंने सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं बेचा है। जिला पूर्ति विभाग ने जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद इनके स्थान पर नए आवेदकों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे। सत्यापन तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी और 15 दिन में पूर्ति विभाग को अपनी रिपोर्ट देगी।
दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचने वालों का ब्योरा
जनपद किसान
बांदा 670
हमीरपुर 175
चित्रकूट 177
महोबा 16
योग- 1038
सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों की सूची प्राप्त हो गई है। उपजिलाधिकारियों से इसका सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें अपात्र मानते हुए राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
- राधेरमण शुक्ला, मंडलीय खाद्य अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
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सरकार का मानना है कि जो किसान दो लाख रुपये से अधिक का धान/गेहूं बेच सकते हैं, उन्हें सरकारी राशन की जरूरत नहीं है। जिला पूर्ति विभाग ने खाद्य विभाग से मिली किसानों की सूची के आधार पर सत्यापन शुरू कर दिया है।
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अपात्र पाए जाने पर राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। इनके स्थान पर नए लोगों के नाम राशनकार्ड बनाए जाएंगे। प्रदेश के कई जनपदों के सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों के राशनकार्ड बने होने व राशन लेने की शिकायत के बाद शासन ने सत्यापन के आदेश दिए हैं।
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जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा कि दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों का सत्यापन के बाद राशनकार्ड निरस्त किए जाएं। बताया कि जो किसान दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेच सकता है तो उसे सरकारी राशन की आवश्यकता नहीं है।
उनके स्थान पर जरूरतमंदों के राशनकार्ड बनाकर लाभ पहुंचाएं। शासन के आदेश के बाद जिला स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। खाद्य विभाग ने जिला पूर्ति विभाग को भेजी सूची में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में 1038 किसानों का जिक्र किया है।
इन्होंने सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं बेचा है। जिला पूर्ति विभाग ने जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद इनके स्थान पर नए आवेदकों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे। सत्यापन तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी और 15 दिन में पूर्ति विभाग को अपनी रिपोर्ट देगी।
दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचने वालों का ब्योरा
जनपद किसान
बांदा 670
हमीरपुर 175
चित्रकूट 177
महोबा 16
योग- 1038
सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों की सूची प्राप्त हो गई है। उपजिलाधिकारियों से इसका सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें अपात्र मानते हुए राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
- राधेरमण शुक्ला, मंडलीय खाद्य अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा