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भांजी से दुष्कर्मी को अंतिम सांस तक कैद
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बांदा। ननिहाल आई नौ वर्षीय भांजी के साथ दुष्कर्म के दोषी मामा को अदालत ने अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई है। 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसमें 50 हजार रुपये पीड़ित भांजी को दिए जाएंगे। अदालत से यह फैसला घटना के 17 माह बाद आया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 27 जून 2020 की रात 26 वर्षीय युवक अपनी नौ वर्षीय भांजी को गांव के बाहर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी और बालिका को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
घर वालों ने बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तिंदवारी थाना क्षेत्र निवासी पिता ने अपने साले के खिलाफ 28 जून को धारा 376, 363, 506 और पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया।
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पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। उधर, पीड़िता बालिका सहित इसके सभी पांच गवाह अदालत में ऐसी किसी घटना से मुकर गए। विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने बताया कि अदालत ने इन सभी को दोबारा तलब किया।
सवाल-जवाब के दौरान आखिर सभी ने घटना की पुष्टि करते हुए बयान दिए। दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित-पाक्सो) ऋषि कुमार ने मामा को दोषी पाते हुए धारा-376 (क-ख) में उम्र कैद (जीवन पर्यंत) और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। धारा-363 में सात वर्ष की कैद व 20 हजार जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की और कैद होगी।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 27 जून 2020 की रात 26 वर्षीय युवक अपनी नौ वर्षीय भांजी को गांव के बाहर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी और बालिका को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
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घर वालों ने बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तिंदवारी थाना क्षेत्र निवासी पिता ने अपने साले के खिलाफ 28 जून को धारा 376, 363, 506 और पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया।
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पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। उधर, पीड़िता बालिका सहित इसके सभी पांच गवाह अदालत में ऐसी किसी घटना से मुकर गए। विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने बताया कि अदालत ने इन सभी को दोबारा तलब किया।
सवाल-जवाब के दौरान आखिर सभी ने घटना की पुष्टि करते हुए बयान दिए। दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित-पाक्सो) ऋषि कुमार ने मामा को दोषी पाते हुए धारा-376 (क-ख) में उम्र कैद (जीवन पर्यंत) और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। धारा-363 में सात वर्ष की कैद व 20 हजार जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की और कैद होगी।