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किसानों के खेत में पीडब्ल्यूडी ने बना दी सड़क
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करतल। लोक निर्माण विभाग द्वारा 80 लाख रुपये लागत से बनवाई गई सड़क किसानों के खेत से होकर बनवाए जाने काआरोप हैं। किसानों ने अपने खेत बचाने के लिए हाईकोर्ट तक गुहार लगाई है। उधर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने जांच किए जाने की बात कही है।
नरैनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कनाय के मजरा रामपुर में लगभग 750 मीटर लंबी सड़क पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने बनवाई है। किसानों का कहना है कि उनकी निजी भूमि पर सड़क बनाई गई। विरोध के बाद भी ठेकेदार और विभाग नहीं माना। प्राथमिक स्कूल से लेकर कनाय सड़क तक डामरीकरण होना था। आरोप है कि मानक से अधिक स्टीमेट बनाकर पैसा निकाला गया। साथ ही अधूरा निर्माण छोड़कर ठेकेदार लापता हो गए।
किसान रामसजीवन, बाबूलाल, श्रीराम, सीताशरण, राजेश आदि ने बताया कि वह लघु सीमांत किसान हैं। उनकी जमीन में जबरन ठेकेदार ने गिट्टी और बालू बिछा दी है। मना करने पर धमकाया। एसडीएम नरैनी से शिकायत की गई पर न्याय नहीं मिला।
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उधर, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता डीएन यादव का कहना है कि किसानों की शिकायत पर फिलहाल काम रोक दिया गया है। किसानों की निजी भूमि होने संबंधी दावों की जांच की जा रही है। काम अधूरा छोड़ने की भी जांच करा रहे हैं। अधिशासी अभियंता ने कहा कि लागत मानक से अधिक भुगतान हुआ है तो वापस लिया जाएगा।
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नरैनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कनाय के मजरा रामपुर में लगभग 750 मीटर लंबी सड़क पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने बनवाई है। किसानों का कहना है कि उनकी निजी भूमि पर सड़क बनाई गई। विरोध के बाद भी ठेकेदार और विभाग नहीं माना। प्राथमिक स्कूल से लेकर कनाय सड़क तक डामरीकरण होना था। आरोप है कि मानक से अधिक स्टीमेट बनाकर पैसा निकाला गया। साथ ही अधूरा निर्माण छोड़कर ठेकेदार लापता हो गए।
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किसान रामसजीवन, बाबूलाल, श्रीराम, सीताशरण, राजेश आदि ने बताया कि वह लघु सीमांत किसान हैं। उनकी जमीन में जबरन ठेकेदार ने गिट्टी और बालू बिछा दी है। मना करने पर धमकाया। एसडीएम नरैनी से शिकायत की गई पर न्याय नहीं मिला।
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उधर, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता डीएन यादव का कहना है कि किसानों की शिकायत पर फिलहाल काम रोक दिया गया है। किसानों की निजी भूमि होने संबंधी दावों की जांच की जा रही है। काम अधूरा छोड़ने की भी जांच करा रहे हैं। अधिशासी अभियंता ने कहा कि लागत मानक से अधिक भुगतान हुआ है तो वापस लिया जाएगा।