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किशोरी से छेड़छाड़ और घायल करने पर सजा
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बांदा। सरेशाम किशोरी को उसके घर में आकर छेड़छाड़ और चाकू से घायल कर देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट में चार वर्ष एक माह की कैद और 3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अन्य धाराओं में भी अलग-अलग कैद और जुर्माने से दंडित किया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 मई 2016 को शाम करीब 7 बजे 17 वर्षीय किशोरी शौच क्रिया से घर लौटी तो पड़ोसी युवक बोधन आ धमका और उससे छेड़छाड़ करने लगा। किशोरी ने विरोध किया तो चाकू निकालकर धमकाने लगा। छीना-झपटी में चाकू किशोरी के दाहिने हाथ में लगा। उसकी उंगली जख्मी हो गई। गांव के लोग आ गए और बोधन को दबोच कर ओरन चौकी पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने धारा 354 , 324 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी को जेल भेज दिया। तफ्तीश के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। घटना के चार वर्षों बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ पंचम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई और सुबूत आदि के आधार पर अपने 10 पृष्ठों के आदेश में आरोपी बोधन को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 354 आईपीसी में तीन वर्ष की कैद और 2000 रुपये जुर्माना, धारा 324 आईपीसी में दो वर्ष की कैद और 1000 रुपये जुर्माना तथा पॉक्सो एक्ट में चार वर्ष एक माह की जेल और 3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: एक माह, 15 दिन और एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
जुर्माने की कुल राशि 6000 रुपये में 3000 पीड़िता किशोरी को दिया जाएगा। अभियुक्त घटना के बाद से जेल में है। जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने के भी आदेश दिए।
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गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 मई 2016 को शाम करीब 7 बजे 17 वर्षीय किशोरी शौच क्रिया से घर लौटी तो पड़ोसी युवक बोधन आ धमका और उससे छेड़छाड़ करने लगा। किशोरी ने विरोध किया तो चाकू निकालकर धमकाने लगा। छीना-झपटी में चाकू किशोरी के दाहिने हाथ में लगा। उसकी उंगली जख्मी हो गई। गांव के लोग आ गए और बोधन को दबोच कर ओरन चौकी पुलिस के हवाले कर दिया।
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पुलिस ने धारा 354 , 324 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी को जेल भेज दिया। तफ्तीश के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। घटना के चार वर्षों बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ पंचम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई और सुबूत आदि के आधार पर अपने 10 पृष्ठों के आदेश में आरोपी बोधन को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 354 आईपीसी में तीन वर्ष की कैद और 2000 रुपये जुर्माना, धारा 324 आईपीसी में दो वर्ष की कैद और 1000 रुपये जुर्माना तथा पॉक्सो एक्ट में चार वर्ष एक माह की जेल और 3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: एक माह, 15 दिन और एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
जुर्माने की कुल राशि 6000 रुपये में 3000 पीड़िता किशोरी को दिया जाएगा। अभियुक्त घटना के बाद से जेल में है। जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने के भी आदेश दिए।