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जनसूचना अधिकार अधिनियम में मांगे 3200 रुपये, सूचना संग लौटाए 2530
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 19 Jan 2015 12:00 AM IST
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जनसूचना अधिकार अधिनियम के जरिए निर्माण कार्यों की सूचना मांगने पर आनाकानी कर रहे ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 3200 रुपये जमा करने का फरमान सुना दिया। सूचना मांगने वाले ने जब यह रकम जमा कर दी गई तो लेटलतीफी के बाद सिर्फ 13 पेज की सूचना उपलब्ध कराते हुए 2530 रुपये वापस लौटा दिए।
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प्रवास सोसायटी के आशीष सागर ने कई माह पूर्व नरैनी क्षेत्र के खलारी गांव में हुए विकास कार्यों में खर्च हुए पैसे के बारे में आरटीआई के तहत ब्योरा मांगा था। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी लगातार इसे टालते रहे। बाद में बिल बाउचर्स आदि की फोटोकापी उपलब्ध कराने के लिए 3200 रुपये जमा करने को अड़ंगा अड़ाया।
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आशीष सागर ने यह रकम भी जमा कर दी। इस पर अब ग्राम पंचायत विकास अधिकारी लाल भइया ने कुछ बिल बाउचर्स की फोटो प्रतियों के साथ छह बिंदुओं पर आधारित सूचना दी है। साथ ही अपनी गलती स्वीकारते हुए अवैध रूप से लिए 2530 रुपये वापस लौटाए हैं।
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आशीष ने बताया कि खलारी गांव में सांसद निधि, राज्य वित्त, 13वां वित्त आयोग से हुए निर्माण कार्यों में नजदीक स्थित रंज नदी की बालू प्रयोग की गई। बालू का रवन्ना नहीं दिया गया। यहां के प्रधान पर पूर्व में भी तत्कालीन डीएम छह लाख रुपये राजस्व वसूली के आदेश कर चुके हैं।
कराए गए कामों की जांच कराने के लिए सीडीओ ने नेडा के अधिकारी सुरेंद्र कुमार और पीडब्ल्यूडी एई शशिभूषण सिंह को जांच सौंपी थी, लेकिन यह दोनों टाल मटोल करके आज तक जांच रिपोर्ट नहीं दे पा रहे हैं। गहरार नाले में रपटा निर्माण की जांच होनी है। नाले का स्थान बदल दिया गया है। अवैध खनन से ली गई बालू इस्तेमाल की गई है।
आशीष सागर का आरोप है कि बालू सप्लाई प्रधान के सगे भाई द्वारा की गई। अब तक इस ग्राम पंचायत में 38,52,942 रुपये का खर्च हुआ है।