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ऑक्सीजन की बढ़ी मांग, झगड़ रहे तीमारदार

Fri, 23 Apr 2021 11:13 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:13 PM IST
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बांदा। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का ढिंढोरा पीटने वालों की पोल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने खोल दी है। ऑक्सीजन की मांग बढ़ने से राजकीय मेडिकल कालेज में भी पर्याप्त आपूर्ति का संकट मंडराने लगा है। यहां प्रतिदिन लगभग 270 सिलिंडर (जंबो) ऑक्सीजन की खपत है, लेकिन रोजाना एक साथ इतने सिलिंडर नहीं मिल पा रहे। रात-दिन में कई किस्तों में वाहनों पर ऑक्सीजन सिलिंडर ढोए जा रहे हैं। आलम यह है कि पर्याप्त आपूर्ति न होने से तीमारदार अपने मरीज की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर छीनने व झगड़ने पर उतारू हैं।
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यह बात खुद मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य ने स्वीकारी। हालांकि, उनका दावा है कि ऑक्सीजन आपूर्ति में फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा शुक्रवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक, मेडिकल कालेज में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के कुल 151 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा बांदा के 112 मरीज हैं। चित्रकूट के 24, हमीरपुर के 10 और महोबा के पांच संक्रमित भी शामिल हैं। अधिकांश ऑक्सीजन के सहारे हैं। हर जगह ऑक्सीजन की खपत बढ़ने से इसकी जबरदस्त किल्लत है। बांदा मेडिकल कालेज में भी ऑक्सीजन की मांग बढ़ने से पर्याप्त आपूर्ति का संकट मंडराने लगा है। पूर्व में जहां प्रतिदिन 25-30 सिलिंडर की जरूरत होती थी अब बढ़कर लगभग 270 सिलिंडर पहुंच गई।
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ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्ति चेन को बरकरार रख पाना मेडिकल कालेज प्रशासन के मुश्किल हो रहा है। कब ऑक्सीजन खत्म हो जाए, इसका तनाव भी। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन आपूर्ति में देरी होने पर चित्रकूट अस्पताल से 20 और बांदा जिला अस्पताल से 10 सिलिंडर मंगाने पड़े। बाद में 90 सिलिंडर की खेप आ गई। बताया कि तीन-चार किस्तों में कानपुर व नौगांव (एमपी) से सिलिंडर आ रहे हैं। प्रधानाचार्य का कहना है कि ऐसे में सप्लाई चेन मेनटेन रख पाने में दिक्कत हो रही है। स्वीकारा कि तीमारदार भी सिलिंडर के लिए छीना-झपटी करने लगे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ झगड़े पर आमादा हो रहे। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।
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गैस पाइप लाइन की मरम्मत को मिले 23 लाख
बांदा। ऑक्सीजन संकट के बीच मेडिकल कालेज को गैस पाइपलाइन मरम्मत के लिए 23 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। करीब 280 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट हैं, लेकिन लीकेज से गैस पाइपलाइन में शोपीस बनी रही। डीएम आनंद कुमार सिंह की पहल पर इसकी मरम्मत के लिए 23 लाख बजट जारी हो गया। प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि कई जगह लीकेज से यह चालू नहीं है। इसके संचालन के लिए उन्होंने कई बार बड़े अफसरों को पत्र भी भेजा। अब बजट मंजूर हो गया है। जल्द मरम्मत कर पाइपलाइन चालू की जाएगी। (संवाद)
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मृत्यु दर में बांदा मेडिकल कॉलेज टॉप पर
बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना मरीजों की मृत्यु का औसत सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिकवरी रेट बेहतर बताया गया है। शुक्रवार को मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, देश में संक्रमितों की मृत्यु का औसत करीब 1.15 फीसदी है। इसी तरह प्रदेश में 1.08 प्रतिशत है, जबकि बांदा मेडिकल में मृत्यु दर 4.5 फीसदी है। यह सबसे ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां कुल 91 संक्रिमतों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। मृतकों में बांदा के 59, चित्रकूट के 14 और हमीरपुर व महोबा के 9-9 पॉजिटिव शामिल हैं। इसी तरह पोस्ट कोविड श्रेणी के 16 मरीजों की मौत हुई। हालांकि, रिकवरी रेट में मेडिकल कालेज बेहतर है। यहां स्वस्थ होने वालों का औसत 85.60 फीसदी है, जबकि देश का रिकवरी रेट 83.92 और प्रदेश में 72.32 प्रतिशत है।
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मृत्यु दर को कम करने की पूरी कोशिश की जा रही है। मृत्यु दर बढ़ने की सबसे बड़ी वजह डर है, इसलिए बड़ी संख्या में युवाओं की भी मौत हो रही।
-डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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फोटो परिचय- 8 व 9
चित्रकूट में भी ऑक्सीजन की किल्लत
चित्रकूट। जिले में रोजाना कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं, वहीं आक्सीजन की किल्लत से जिला अस्पताल सहित जिले के सीएचसी में ऑक्सीजन की कमी होने से समस्या हो रही है। जैसे ही आक्सीजन खत्म होता है आक्सीजन लेने के लिए वाहन प्रयागराज जिले में भेजा जाता है, जहां पर एक से दो दिन बाद ऑक्सीजन के सिलिंडर मिलते हैं। मजबूरी मेें मरीजों को बाहर ले जाना पड़ता है, तब तक मरीजों की मौत तक बीच रास्ते में हो जाती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि ऑक्सीजन की जरूरत के हिसाब से पूर्ति हो रही है। जिला अस्पताल समेत मऊ सीएचसी, मानिकपुर सीएचसी, शिवरामपुर, रामनगर व पहाड़ी सीएचसी में इलाज कराने को मरीजोें की संख्या बढ़ रही है, जिसमें कोरोना पीड़ितों की संख्या अधिक रहती है। अधिक तर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिनको ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है। ऑक्सीजन न मिलने से उनको प्रयागराज व अन्य जिला जाना पड़ता है। (संवाद)

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स्थानीय मरीजों के साथ ही बाहर से भी मरीज आ रहे हैं। जिससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है। प्रयास है कि जरूरतमंद हर मरीज को आक्सीजन मिले। कोई समस्या हो तो उनसे संपर्क करें। फिलहाल जिले में मांग के अनुसार ऑक्सीजन मिल रही है। जिले में लगभग छोटे बडे़ मिलाकर कुल 45 सिलिंडर है। इस समय दस सिलिंडर में ऑक्सीजन मौजूद है। अन्य सिलेंडरों में आक्सीजन भरवाने के लिए वाहन प्रयागराज भेजा गया है। जिले में 50 किलो ऑक्सीजन की प्रतिदिन खपत हो रही है।
डा. एनके कुरैचिया, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी चित्रकूट
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